Parliament – मॉनसून सत्र से पहले सरकार और विपक्ष के बीच मुद्दों पर बढ़ी खींचतान
Parliament- संसद का मॉनसून सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है। सत्र शुरू होने से पहले रविवार को आयोजित सर्वदलीय बैठक और लोकसभा की कार्य मंत्रणा समिति (BAC) की बैठक में सरकार और विपक्ष के बीच कई अहम मुद्दों को लेकर अलग-अलग रुख देखने को मिला। राजनीतिक संकेतों को देखते हुए इस बार भी सदन की कार्यवाही के दौरान तीखी बहस और हंगामे की संभावना जताई जा रही है।

विपक्ष ने कई अहम मुद्दों पर चर्चा की मांग उठाई
सर्वदलीय बैठक में विपक्षी दलों ने अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावे के मामले, NEET परीक्षा प्रश्नपत्र लीक, एथनॉल नीति, मणिपुर की कानून-व्यवस्था, किसानों से जुड़े विषय और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सदन में विस्तृत चर्चा कराने की मांग रखी। विपक्ष का कहना है कि इन विषयों का सीधा संबंध आम जनता से है, इसलिए सरकार को इन पर जवाब देना चाहिए।
सरकार ने विधायी कार्यों में सहयोग की अपील की
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि मॉनसून सत्र के लिए फिलहाल आठ विधेयक सूचीबद्ध किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि सत्र के दौरान अतिरिक्त विधायी कार्य शामिल किए जाते हैं तो उनकी जानकारी कार्य मंत्रणा समिति के माध्यम से सभी राजनीतिक दलों को दी जाएगी। उन्होंने सभी दलों से आग्रह किया कि सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने और प्रस्तावित विधेयकों पर रचनात्मक चर्चा में सहयोग करें।
सर्वदलीय बैठक में वॉकआउट भी हुआ
बैठक की शुरुआत में तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) से जुड़े बागी सांसदों को आमंत्रित किए जाने पर विपक्ष ने आपत्ति दर्ज कराई। इस मुद्दे पर नाराजगी जताते हुए कई विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों ने कुछ समय के लिए बैठक से बहिर्गमन भी किया। इससे बैठक का शुरुआती माहौल राजनीतिक तनाव से भरा रहा।
विभिन्न दलों ने अपने-अपने मुद्दे सरकार के सामने रखे
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि विपक्ष ने राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावे, एथनॉल नीति, छात्रों के हितों और मणिपुर की स्थिति जैसे विषयों पर चर्चा की मांग की है। समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने प्रश्नपत्र लीक, निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता और सरकारी नौकरियों में पिछड़ा, दलित तथा अल्पसंख्यक वर्ग के प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दे उठाए। वहीं, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के सांसद तिरुची शिवा ने महिला आरक्षण लागू करने की समयसीमा और परिसीमन को लेकर सरकार से स्पष्ट नीति सामने रखने की मांग की।
लोकसभा अध्यक्ष ने संसदीय मर्यादा बनाए रखने पर दिया जोर
सर्वदलीय बैठक के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में कार्य मंत्रणा समिति की बैठक भी आयोजित हुई। उन्होंने सभी दलों से संसदीय परंपराओं का सम्मान करते हुए सदन की कार्यवाही को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने में सहयोग देने की अपील की। उनका कहना था कि जनहित के मुद्दों पर गंभीर, संतुलित और सार्थक चर्चा लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाती है।
विपक्ष भी रणनीति को अंतिम रूप देगा
सूत्रों के अनुसार, मॉनसून सत्र के पहले दिन सुबह विपक्षी दलों के प्रमुख नेता संसद भवन में बैठक करेंगे। इस बैठक में दोनों सदनों के लिए साझा रणनीति तय की जाएगी। बताया जा रहा है कि यह बैठक राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के कक्ष में होगी, जिसमें विभिन्न विपक्षी दलों के सदन के नेता शामिल रहेंगे।
सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश होने की तैयारी
सरकार इस सत्र के दौरान राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक तथा आयकर (संशोधन) विधेयक सहित कई अहम विधेयक संसद में पेश करने की तैयारी में है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलने की संभावना है।