ProtestAction – जंतर-मंतर प्रदर्शन विवाद के बाद अधिकारी को हटाया गया, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
ProtestAction– दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल में हुए प्रदर्शन के दौरान सामने आए एक विवादित घटनाक्रम के बाद दिल्ली पुलिस ने संबंधित अधिकारी के खिलाफ प्रशासनिक कदम उठाया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में एक महिला प्रदर्शनकारी के साथ कथित अभद्र व्यवहार का मामला सामने आने के बाद नॉर्थ-ईस्ट जिले के एडिशनल डीसीपी संदीप लांबा को प्रदर्शन ड्यूटी से हटाकर उनकी मूल तैनाती पर वापस भेज दिया गया है। इस घटनाक्रम ने पुलिस कार्रवाई और भीड़ नियंत्रण के तरीकों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

अदालत में उठा पुलिस कार्रवाई का मुद्दा
दिल्ली हाईकोर्ट में बुधवार को इस मामले से जुड़ी दो याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान प्रदर्शन के समय अपनाए गए पुलिस रवैये पर सवाल उठाए गए। वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने अदालत के समक्ष कहा कि वायरल वीडियो में एक महिला शांत स्थिति में दिखाई दे रही है, जिसके बावजूद संबंधित अधिकारी द्वारा कथित तौर पर थप्पड़ मारने की घटना नजर आती है। उन्होंने अदालत से ऐसे मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
हाईकोर्ट ने सुरक्षित रखने को कहा रिकॉर्ड
मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस से इस मामले में विस्तृत जवाब मांगा है। अदालत ने निर्देश दिया कि प्रदर्शन से जुड़े सभी महत्वपूर्ण रिकॉर्ड, जिनमें सीसीटीवी फुटेज और अन्य वीडियो रिकॉर्डिंग शामिल हैं, सुरक्षित रखे जाएं ताकि भविष्य में उनकी जांच की जा सके। न्यायालय ने चार सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का आदेश देते हुए अगली सुनवाई 11 सितंबर के लिए निर्धारित की है।
याचिकाकर्ताओं ने बल प्रयोग पर उठाए सवाल
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एन. हरिहरन, विकास सिंह और गोपाल शंकरनारायणन ने दलील दी कि प्रदर्शन के दौरान आवश्यकता से अधिक बल का इस्तेमाल किया गया। उनका कहना था कि प्रदर्शनकारियों में महिलाएं और बच्चे भी मौजूद थे, ऐसे में पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। अदालत से इस पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र और उच्च-स्तरीय जांच कराने की मांग भी रखी गई।
वायरल वीडियो के बाद बढ़ी कार्रवाई की मांग
20 जुलाई को आयोजित प्रदर्शन के दौरान सामने आए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किए गए। इनमें दानिप्स (DANIPS) अधिकारी संदीप लांबा एक महिला प्रदर्शनकारी के साथ कथित तौर पर हाथापाई करते दिखाई दिए। वीडियो के सार्वजनिक होने के बाद विभिन्न पक्षों ने पुलिस के आचरण पर सवाल उठाए, जिसके बाद प्रशासन ने अधिकारी को तत्काल प्रदर्शन ड्यूटी से हटाने का निर्णय लिया। हालांकि मामले की आधिकारिक जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है।
संसद मार्च के दौरान हुआ था विवाद
यह पूरा घटनाक्रम उस समय सामने आया जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च निकाला जा रहा था। पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका। इस दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किए जाने की भी जानकारी सामने आई, जिसके बाद कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए और पुलिस कार्रवाई चर्चा का विषय बन गई।
RAF जवानों पर हमले का मामला भी दर्ज
इसी प्रदर्शन से जुड़ा एक अन्य मामला भी सामने आया है। दिल्ली पुलिस ने टॉलस्टॉय मार्ग चौराहे पर रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के दो जवानों पर कथित हमले के संबंध में एफआईआर दर्ज की है। वायरल वीडियो में कुछ लोगों को ड्यूटी पर तैनात जवानों के साथ मारपीट करते हुए देखा गया। पुलिस के अनुसार, घायल जवानों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी चिकित्सकीय देखभाल जारी है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।