राष्ट्रीय

SonamWangchuk – निजी अस्पताल में शिफ्टिंग से इनकार के बाद हाई कोर्ट के आदेश को मिलेगी चुनौती

SonamWangchuk- सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से किसी निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की मांग फिलहाल पूरी नहीं हो सकी है। दिल्ली हाई कोर्ट ने इस संबंध में राहत देने से इनकार कर दिया है। अदालत के फैसले के बाद वांगचुक की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने कहा कि अब इस आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट की खंडपीठ में लेटर्स पेटेंट अपील (LPA) दायर की जाएगी। उनका तर्क है कि प्रत्येक मरीज को अपनी पसंद के अस्पताल और चिकित्सक से इलाज कराने का अधिकार होना चाहिए।

sonam wangchuk hc hospital case

अदालत ने स्वास्थ्य रिपोर्ट मांगी

सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद केंद्र सरकार और सफदरजंग अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया कि वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति पर तीन दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। अदालत ने अपने आदेश में यह भी कहा कि उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने का सरकारी निर्णय मनमाना प्रतीत नहीं होता। न्यायालय के अनुसार, अस्पताल में किसी प्रकार का उपचार केवल वांगचुक की सहमति से दिया जा रहा है और उनके साथ किसी तरह की जबरदस्ती किए जाने का कोई संकेत रिकॉर्ड में नहीं है।

परिवार से मिलने की अनुमति का भी उल्लेख

हाई कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि वांगचुक के परिजनों को उनसे मिलने की अनुमति दी गई है। अदालत के समक्ष यह जानकारी भी रखी गई कि उन्हें आवश्यकता के अनुसार मौखिक दवाएं और तरल पदार्थ केवल उनकी सहमति से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। न्यायालय ने फिलहाल स्वास्थ्य संबंधी स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट आने तक मौजूदा व्यवस्था को जारी रखने का फैसला किया है।

पत्नी ने इलाज की व्यवस्था पर जताई चिंता

रविवार को वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके परिवार की इच्छा है कि सोनम वांगचुक का इलाज किसी निजी अस्पताल, जैसे मेदांता या परिवार द्वारा चुने गए अन्य अस्पताल में कराया जाए। उनका कहना है कि मरीज और उसके परिजनों को उपचार के लिए अस्पताल चुनने का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था को लेकर परिवार पूरी तरह आश्वस्त नहीं है।

अस्पताल के माहौल पर भी उठाए सवाल

गीतांजलि आंग्मो ने कहा कि अस्पताल में इलाज की प्रक्रिया और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर परिवार की कुछ चिंताएं हैं। उन्होंने दावा किया कि चिकित्सकीय प्रक्रियाओं के दौरान अनावश्यक देरी हुई, जिससे उनके मन में सवाल पैदा हुए। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार चाहता है कि वांगचुक का उपचार ऐसे वातावरण में हो, जहां वे मानसिक रूप से अधिक सहज महसूस कर सकें। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई अलग प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

अनशन जारी रखने का फैसला

गीतांजलि आंग्मो ने बताया कि चिकित्सकों की ओर से तरल पदार्थ लेने की सलाह दिए जाने के बावजूद सोनम वांगचुक ने अपना अनशन जारी रखने का निर्णय लिया है। वहीं अदालत द्वारा मांगी गई स्वास्थ्य रिपोर्ट के बाद इस मामले में आगे की कानूनी और चिकित्सकीय प्रक्रिया स्पष्ट होने की संभावना है। अब सभी की नजरें प्रस्तावित अपील और न्यायालय की अगली सुनवाई पर टिकी हैं।

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.