StrongRoomRow – बंगाल में स्ट्रॉन्ग रूम विवाद पर निलंबित हुए छह अधिकारी
StrongRoomRow – पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। इस मामले में चुनाव प्रक्रिया से जुड़े छह अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। भाजपा नेताओं की शिकायत के बाद प्रशासन ने यह कार्रवाई की। आरोप लगाया गया था कि निर्धारित समय से पहले स्ट्रॉन्ग रूम खोला गया, जबकि वहां मौजूद राजनीतिक प्रतिनिधियों को इसकी जानकारी नहीं दी गई थी।

भाजपा प्रतिनिधियों का कहना है कि वे तय समय पर मतगणना केंद्र पहुंचे थे, लेकिन वहां पहुंचने पर स्ट्रॉन्ग रूम पहले से खुला मिला। पार्टी नेताओं ने इस पर आपत्ति जताई और संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा। उनका आरोप है कि सवाल पूछने पर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई, जिससे संदेह की स्थिति बनी।
भाजपा ने उठाए प्रक्रिया पर सवाल
शिकायत में कहा गया कि जब मतगणना से जुड़ी प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू नहीं हुई थी, तब स्ट्रॉन्ग रूम खोलने की जरूरत क्यों पड़ी। भाजपा नेताओं ने यह भी दावा किया कि पूछताछ के दौरान उन्हें बताया गया कि संबंधित स्ट्रॉन्ग रूम को एक से अधिक बार खोला जा चुका था। पार्टी का कहना है कि बूथ संख्या 116 और 117 से संबंधित कार्य पूरा हो चुका था, ऐसे में अतिरिक्त गतिविधियों का कारण स्पष्ट नहीं किया गया।
भाजपा ने इस पूरे घटनाक्रम को चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़ा गंभीर मामला बताया है। पार्टी नेताओं ने प्रशासन से यह स्पष्ट करने की मांग की कि स्ट्रॉन्ग रूम खोलने की अनुमति किस स्तर पर दी गई और राजनीतिक दलों को पहले से सूचना क्यों नहीं दी गई।
छह अधिकारियों पर गिरी कार्रवाई की गाज
मामले की शिकायत सामने आने के बाद प्रशासन ने प्रारंभिक जांच की और छह अधिकारियों को निलंबित कर दिया। अधिकारियों पर बिना अनुमति स्ट्रॉन्ग रूम खोलने और निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं करने के आरोप लगे हैं। चुनाव अधिकारियों की ओर से फिलहाल विस्तृत जांच जारी होने की जानकारी दी गई है।
चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि मतगणना और ईवीएम सुरक्षा से संबंधित मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही को गंभीरता से लिया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर मतदाताओं और राजनीतिक दलों के बीच विश्वास बना रहे।
तृणमूल कांग्रेस ने भी उठाई निगरानी की मांग
इस विवाद के बीच तृणमूल कांग्रेस ने भी स्ट्रॉन्ग रूम की निगरानी व्यवस्था को लेकर चिंता जाहिर की है। पार्टी ने मांग की है कि जहां सीलबंद ईवीएम रखी गई हैं, वहां चौबीसों घंटे सीसीटीवी निगरानी सुनिश्चित की जाए। तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय जाकर ज्ञापन सौंपा।
पार्टी नेताओं का कहना है कि राज्य के कई जिलों से सीसीटीवी कैमरों में तकनीकी खराबी की सूचनाएं मिली हैं। इनमें हरिपाल, जलपाईगुड़ी, सागरदिघी, रामपुरहाट, घाटल और जयनगर समेत कई क्षेत्रों के नाम शामिल बताए गए हैं। तृणमूल नेताओं ने मांग की कि इन सभी तकनीकी समस्याओं को तत्काल दूर किया जाए ताकि मतगणना प्रक्रिया पर कोई सवाल न उठे।
मतगणना केंद्रों पर बढ़ा राजनीतिक तनाव
गुरुवार देर शाम कोलकाता के कुछ मतगणना केंद्रों पर राजनीतिक हलचल और विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिला। तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने आरोप लगाया कि स्ट्रॉन्ग रूम से जुड़े मामलों में पारदर्शिता पूरी तरह नहीं बरती जा रही है। इसके बाद कई स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।
चुनाव आयोग की ओर से कहा गया है कि सभी मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है और किसी भी शिकायत की जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी। राज्य में चुनाव नतीजों से पहले बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।