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WeatherUpdate – मार्च में बदला मौसम पैटर्न, अप्रैल में भी ठंडक के आसार

WeatherUpdate – उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। मार्च के महीने में आमतौर पर बढ़ने वाली गर्मी इस बार थमी हुई नजर आ रही है। लगातार हो रही बारिश और ठंडी हवाओं ने लोगों को राहत तो दी है, लेकिन यह बदलाव सामान्य मौसम चक्र से अलग माना जा रहा है।

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मौसम विभाग ने बताई वजह
मौसम विभाग के अनुसार इस असामान्य बारिश के पीछे ‘मावठ’ जैसी स्थिति जिम्मेदार है, जो आमतौर पर सर्दियों में देखने को मिलती है। इस बार यह प्रक्रिया देर से सक्रिय हुई है, जिसके चलते जनवरी की बजाय मार्च में इसका असर दिखाई दे रहा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह बदलाव प्राकृतिक कारणों से जुड़ा है और इसे सामान्य मौसम की देरी से प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा सकता है।

पश्चिमी विक्षोभ और नमी का असर
विशेषज्ञों के मुताबिक, पश्चिम से आने वाले पश्चिमी विक्षोभ और वातावरण में बढ़ी नमी इस पूरे बदलाव के मुख्य कारण हैं। इन परिस्थितियों के कारण आने वाले दिनों में भी कई दौर की बारिश देखने को मिल सकती है। इसके साथ तेज हवाएं और कहीं-कहीं आंधी की संभावना भी जताई गई है, जिससे तापमान में गिरावट बनी रह सकती है।

अप्रैल में भी ठंडक रहने के संकेत
मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि अप्रैल की शुरुआत में भी मौसम पूरी तरह गर्म नहीं होगा। बीच-बीच में बारिश और बादल छाए रहने से दिन और रात के तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। इसका मतलब यह है कि लोगों को अभी कुछ और दिनों तक हल्की ठंडक का अनुभव हो सकता है।

मावठ का सामान्य और वर्तमान प्रभाव
मावठ उत्तर भारत, खासकर राजस्थान, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सर्दियों के दौरान होने वाली विशेष प्रकार की बारिश है। सामान्य तौर पर यह दिसंबर से जनवरी के बीच होती है और रबी फसलों जैसे गेहूं, चना और सरसों के लिए फायदेमंद मानी जाती है। हालांकि इस बार मार्च में हुई बारिश के कारण कुछ फसलों को नुकसान की आशंका भी जताई जा रही है, क्योंकि यह समय फसल पकने का होता है।

तापमान में अचानक गिरावट से बदला माहौल
हाल के दिनों में मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिला है। जहां पहले तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, वहीं बारिश के बाद यह करीब 23 डिग्री तक गिर गया। एक ही दिन में करीब 15 डिग्री की गिरावट ने लोगों को फिर से ठंड का एहसास करा दिया। सुबह और शाम के समय ठंडक बढ़ने से लोगों ने हल्के गर्म कपड़े दोबारा निकाल लिए हैं।

सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक जानकारी
इस बीच सोशल मीडिया पर मौसम को लेकर कई तरह के दावे भी सामने आए हैं, जिनमें इसे कृत्रिम कारणों से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। हालांकि विशेषज्ञों ने इन दावों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है। उनका कहना है कि यह बदलाव पूरी तरह प्राकृतिक प्रक्रियाओं का परिणाम है और इसका किसी बाहरी प्रयोग से कोई संबंध नहीं है।

आने वाले दिनों का पूर्वानुमान
कृषि और मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में भी आंधी, बारिश और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, ताकि फसलों को नुकसान से बचाया जा सके। फिलहाल, उत्तर भारत में मौसम का यह बदला हुआ रूप लोगों के लिए राहत और चुनौती दोनों लेकर आया है।

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