BabarAzamCentury – लंबे इंतजार के बाद टी20 में बाबर ने जड़ा शानदार शतक
BabarAzamCentury – पाकिस्तान के पूर्व कप्तान बाबर आजम ने आखिरकार टी20 क्रिकेट में अपने शतक का सूखा खत्म कर दिया है। करीब दो साल से ज्यादा समय के बाद उनके बल्ले से यह बड़ी पारी देखने को मिली। पेशावर जालमी और क्वेटा ग्लैडिएटर्स के बीच खेले गए मुकाबले में बाबर ने पूरे 20 ओवर तक टिककर बल्लेबाजी की और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। आखिरी गेंद पर शतक पूरा करने के लिए उन्होंने जोखिम उठाते हुए तेजी से दो रन लिए और डाइव लगाकर अपना शतक पूरा किया। यह पारी न केवल उनकी वापसी का संकेत है, बल्कि उनके धैर्य और फिटनेस का भी उदाहरण मानी जा रही है।

टी20 करियर में खास मुकाम
इस शतक के साथ बाबर आजम ने टी20 क्रिकेट में अपना 12वां शतक पूरा किया। इस सूची में वह अब भी शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़े नामों के करीब बने हुए हैं। लंबे अंतराल के बाद आया यह शतक उनके करियर के लिए अहम माना जा रहा है। इससे पहले उन्होंने फरवरी 2024 में टी20 प्रारूप में आखिरी बार शतक लगाया था।
तेज पारी से टीम को मिला बड़ा स्कोर
बाबर की यह पारी तेज और संतुलित दोनों थी। उन्होंने 52 गेंदों में शतक पूरा किया, जो उनके करियर की तेज पारियों में से एक मानी जा रही है। खास बात यह रही कि उन्होंने केवल चौके-छक्कों पर निर्भर रहने के बजाय सिंगल और डबल के जरिए रन जुटाए। विकेटों के बीच उनकी दौड़ ने पारी को गति दी और टीम को बड़ा स्कोर खड़ा करने में मदद मिली। इस प्रदर्शन के दम पर पेशावर जालमी ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 250 से अधिक रन बनाए।
मैच पर रहा पूरी तरह नियंत्रण
पेशावर की टीम ने बल्लेबाजी के बाद गेंदबाजी में भी शानदार प्रदर्शन किया। बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए क्वेटा ग्लैडिएटर्स दबाव में नजर आई और टीम को बड़ी हार का सामना करना पड़ा। मुकाबला एकतरफा रहा, जहां बाबर की पारी निर्णायक साबित हुई। इस जीत ने टीम के आत्मविश्वास को भी मजबूत किया है।
रणनीति और साझेदारी बनी सफलता की कुंजी
मैच के बाद बाबर आजम ने अपनी पारी को लेकर कहा कि शुरुआत में हालात को समझना जरूरी था। शुरुआती विकेट गिरने के बाद उन्होंने अपने साथी खिलाड़ी के साथ मिलकर साझेदारी पर ध्यान दिया। उन्होंने बताया कि टीम की योजना कुछ खास गेंदबाजों को निशाना बनाने की थी, खासतौर पर स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ रन बनाने पर जोर दिया गया। आखिरी ओवरों में तेजी लाने की रणनीति सफल रही, जिससे टीम बड़ा स्कोर बना सकी।
शतक के दौरान भावनाएं भी रहीं खास
बाबर ने यह भी माना कि शतक पूरा करते समय भावनाएं चरम पर थीं। आखिरी गेंद पर रन लेते समय उन्हें रन आउट होने का भी खतरा था, लेकिन उन्होंने जोखिम उठाकर लक्ष्य हासिल किया। उन्होंने अपने परिवार और समर्थकों का जिक्र करते हुए कहा कि लगातार मेहनत और फिटनेस पर ध्यान देने का ही यह नतीजा है। यह पारी उनके लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली साबित हो सकती है।