Cricket – इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में भारत की जीत, बुमराह की गेंदबाज़ी बनी निर्णायक
Cricket – इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में भारत की जीत के बाद प्लेयर ऑफ द मैच बने संजू सैमसन ने अपनी पारी का श्रेय टीम के तेज गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह को दिया। सैमसन ने कहा कि अगर बुमराह उस मुश्किल समय में गेंदबाज़ी नहीं करते तो शायद नतीजा अलग हो सकता था। उनका मानना था कि इस मुकाबले में असली हकदार बुमराह ही थे। इस मैच में सैमसन ने 89 रनों की अहम पारी खेलकर भारत को 253 के मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

सैमसन की पारी ने भारत को दिया मजबूत आधार
नॉकआउट मुकाबले में भारतीय टीम की शुरुआत थोड़ी संभली हुई रही, लेकिन बीच के ओवरों में संजू सैमसन ने आक्रामक अंदाज़ अपनाया। उन्होंने संयम और आक्रामकता का संतुलन बनाए रखते हुए 89 रन बनाए। उनकी इस पारी की बदौलत भारत निर्धारित ओवरों में 253 रन तक पहुंचने में सफल रहा।
हालांकि मैच के दौरान एक समय ऐसा भी आया जब यह स्कोर जीत के लिए पर्याप्त नहीं लग रहा था। इंग्लैंड की टीम ने लक्ष्य का पीछा करते हुए तेज शुरुआत की और रनगति लगातार बढ़ाती रही। शुरुआती ओवरों में बल्लेबाज़ों ने भारतीय गेंदबाज़ों पर दबाव बनाए रखा, जिससे मुकाबला काफी रोमांचक हो गया।
इंग्लैंड की तेज शुरुआत ने बढ़ाई भारत की चिंता
इंग्लैंड की टीम ने लक्ष्य का पीछा करते हुए पहले 15 ओवरों में ही 185 रन बना लिए थे। उस समय मैच का रुख पूरी तरह इंग्लैंड की ओर झुकता हुआ दिखाई दे रहा था। बल्लेबाज़ जैकब बेथल शानदार लय में दिख रहे थे और तेजी से रन बना रहे थे।
आखिरी पांच ओवरों में इंग्लैंड को जीत के लिए केवल 69 रन की जरूरत थी। टी20 क्रिकेट में इस तरह का लक्ष्य हासिल करना मुश्किल नहीं माना जाता, खासकर तब जब बल्लेबाज़ अच्छी लय में हों। इसी कारण भारतीय टीम पर दबाव साफ दिखाई दे रहा था।
डेथ ओवरों में बुमराह की सटीक गेंदबाज़ी
ऐसे मुश्किल समय में जसप्रीत बुमराह ने गेंदबाज़ी की कमान संभाली और इंग्लैंड की रनगति पर प्रभावी तरीके से रोक लगा दी। उन्होंने 16वें ओवर में एक चौके के साथ कुल आठ रन दिए, जिससे बल्लेबाज़ों की लय थोड़ी धीमी हुई।
इसके बाद 18वें ओवर में बुमराह ने और भी कसी हुई गेंदबाज़ी की। इस ओवर में उन्होंने सिर्फ छह रन दिए। दबाव की स्थिति में उनके ये दो ओवर मैच का रुख बदलने वाले साबित हुए। कुल मिलाकर उन्होंने इन 12 गेंदों में केवल 14 रन खर्च किए।
इन ओवरों के बाद इंग्लैंड की टीम पर दबाव बढ़ता चला गया और भारतीय गेंदबाज़ों को वापसी का मौका मिल गया। आखिरकार इंग्लैंड लक्ष्य से पहले ही रुक गया और भारत ने मुकाबला अपने नाम कर फाइनल में जगह बना ली।
मैच के निर्णायक क्षणों में बदली तस्वीर
मैच के दौरान 15वें ओवर में जब वरुण चक्रवर्ती ने 13 रन दिए और अपने चार ओवरों में कुल 64 रन खर्च कर दिए, तब भारतीय टीम पर दबाव काफी बढ़ गया था। उस समय इंग्लैंड की बल्लेबाज़ी बेहद मजबूत नजर आ रही थी।
लेकिन बुमराह की सधी हुई गेंदबाज़ी ने मैच की दिशा बदल दी। उनके ओवरों ने इंग्लैंड के बल्लेबाज़ों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया, जिससे रनगति धीमी पड़ गई। यही वह मोड़ था जहां से भारत ने मुकाबले पर दोबारा नियंत्रण हासिल किया।
टी20 विश्व कप फाइनल में भी अहम रही थी भूमिका
ऐसा पहली बार नहीं है जब जसप्रीत बुमराह ने दबाव भरे मुकाबले में टीम के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हो। 2024 के टी20 विश्व कप फाइनल में भी उनकी गेंदबाज़ी निर्णायक साबित हुई थी।
उस मुकाबले में जब 15वें ओवर में अक्षर पटेल के ओवर में हेनरिक क्लासेन ने 24 रन बना दिए थे, तब भारत के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण हो गई थी। दक्षिण अफ्रीका को जीत के लिए आखिरी 30 गेंदों में 30 रन चाहिए थे।
ऐसे समय में बुमराह ने 16वें ओवर में सिर्फ चार रन दिए और 18वें ओवर में मात्र दो रन खर्च किए। इसी दौरान उन्होंने मार्को जेनसन का महत्वपूर्ण विकेट भी हासिल किया था। उनके इन ओवरों ने मैच का रुख भारत की ओर मोड़ दिया और टीम को जीत दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई।



