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Cricket Coaching Records: कोच नहीं काल बन गए गंभीर! टीम इंडिया के माथे पर लगा दी हार की ऐसी कालिख जिसे धोना मुश्किल

Cricket Coaching Records: जुलाई 2024 में जब गौतम गंभीर ने भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच का पद संभाला था, तब करोड़ों प्रशंसकों को लगा था कि उनकी आक्रामकता टीम में नई जान फूंकेगी। लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट रही और उनके मार्गदर्शन में टीम का ग्राफ तेजी से नीचे गिरा। गंभीर की (Team India Performance) उनके सुनहरे क्रिकेट करियर की परछाई तक नहीं छू सकी और भारत को ऐसी हार देखनी पड़ी जो दशकों से नहीं मिली थी। उनकी कोचिंग शैली पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं क्योंकि मैदान पर टीम का आत्मविश्वास पूरी तरह बिखरा हुआ नजर आ रहा है।

Cricket Coaching Records
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इंदौर के अजेय किले में कीवियों की सेंध

इंदौर का होलकर स्टेडियम भारतीय टीम के लिए हमेशा से एक अभेद्य किला रहा है, जहां हार का स्वाद टीम ने कभी नहीं चखा था। लेकिन हालिया वनडे सीरीज में न्यूजीलैंड ने भारत को 41 रनों से हराकर इस मैदान पर टीम इंडिया की पहली हार की पटकथा लिख दी। इंदौर में (ODI Cricket History) का यह काला अध्याय गौतम गंभीर की देखरेख में लिखा गया, जिसने प्रशंसकों का दिल तोड़ दिया। इससे पहले खेले गए सभी 7 मुकाबलों में भारत ने यहां एकतरफा जीत दर्ज की थी, जो अब इतिहास बन चुका है।

घर में पहली बार सीरीज हारने का दाग

भारत अपनी सरजमीं पर हमेशा से शेर रहा है, लेकिन न्यूजीलैंड ने इस वनडे सीरीज को 2-1 से जीतकर भारत का गुरूर चकनाचूर कर दिया। यह पहली बार है जब भारतीय टीम को अपने ही घर में न्यूजीलैंड के खिलाफ द्विपक्षीय वनडे सीरीज गंवानी पड़ी है। इस शर्मनाक (Series Defeat) ने गंभीर की रणनीतियों पर मुहर लगा दी है कि वे मेहमान टीमों के खिलाफ रक्षात्मक नजर आ रहे हैं। सीरीज डिसाइडर मुकाबले में कीवियों ने भारत को ऐसी पटखनी दी कि टीम संभल भी नहीं सकी।

गेंदबाजों की बेबसी और चेज का नया रिकॉर्ड

न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के दौरान भारतीय गेंदबाजों का अनुशासन पूरी तरह से गायब दिखा और रणनीति का अभाव साफ नजर आया। कीवी टीम ने भारत के खिलाफ 285 रनों का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया, जो उनके द्वारा भारत के खिलाफ किया गया अब तक का सबसे बड़ा रन चेज है। इस खराब (Bowling Efficiency) ने भारतीय अटैक की कमियों को उजागर कर दिया है, जहां विपक्षी टीम ने आसानी से हमारे स्ट्राइक गेंदबाजों को निशाना बनाया। गंभीर की कोचिंग में भारतीय क्रिकेट की साख लगातार दांव पर लगती जा रही है।

ऐतिहासिक हारों का अंतहीन सिलसिला

गौतम गंभीर का कोचिंग रिकॉर्ड शर्मनाक आंकड़ों से भरा हुआ है, जिसमें श्रीलंका के खिलाफ 27 साल बाद वनडे सीरीज हारना शामिल है। यही नहीं, 45 सालों के लंबे अंतराल के बाद भारतीय टीम एक कैलेंडर वर्ष में बिना कोई वनडे मैच जीते खाली हाथ रही। गंभीर की (Managerial Leadership) के दौरान टीम ने पहली बार तीन मैचों की सीरीज में अपने सभी 30 विकेट गंवा दिए। ये आंकड़े बताते हैं कि टीम इंडिया का स्वर्णिम युग अब गहरे अंधेरे में खोता जा रहा है और खिलाड़ियों के प्रदर्शन में निरंतरता की भारी कमी है।

टेस्ट क्रिकेट में भी ढह गया भारत का दबदबा

गंभीर के कार्यकाल में केवल सीमित ओवरों का क्रिकेट ही नहीं, बल्कि टेस्ट क्रिकेट की स्थिति भी बदतर हो गई है। न्यूजीलैंड ने 36 साल बाद भारत को उसके घर में टेस्ट मैच हराया और वानखेड़े जैसे प्रतिष्ठित मैदान पर भी टीम को हार का सामना करना पड़ा। घरेलू टेस्ट सीरीज में (Test Match Strategy) की कमी के चलते भारत पहली बार अपने ही घर में 3-0 से व्हाइटवॉश हुआ। 12 साल बाद घर पर टेस्ट सीरीज हारना यह साबित करता है कि अब विपक्षी टीमों के मन से भारत का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका है।

छोटे लक्ष्यों को बचाने और पाने में नाकामी

भारतीय टीम की बल्लेबाजी का पतन इस कदर हुआ कि वह घर पर 200 रनों से कम का लक्ष्य भी हासिल नहीं कर पाई। वानखेड़े में महज 147 रनों का पीछा करने उतरी टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर गई, जो भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी शर्मिंदगी है। इस (Batting Collapse) ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या गंभीर की कोचिंग में खिलाड़ियों की तकनीक और मानसिक मजबूती पर काम किया जा रहा है या नहीं। 92 साल के टेस्ट इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ कि भारत ने 350 से ज्यादा रन बनाने के बाद भी मैच गंवा दिया।

बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी और दक्षिण अफ्रीका का खौफ

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी हारना और मेलबर्न में 13 साल बाद मिली शिकस्त ने गंभीर के दावों की पोल खोल दी है। इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका ने भारत में आकर 25 साल बाद टेस्ट सीरीज जीती और भारत के खिलाफ अपने इतिहास का सबसे बड़ा रन चेज 359 रन बनाकर दर्ज किया। गंभीर की (Cricket Tactical Analysis) इतनी कमजोर रही कि विदेशी टीमें भारत की स्पिन और तेज गेंदबाजी को आसानी से खेल रही हैं। ईडन गार्डन्स जैसे मैदान पर भी, जहां भारत लगातार 9 मैच जीता था, वहां भी हार का सामना करना पड़ा।

अंतहीन रिकॉर्ड्स और कोच की जिम्मेदारी

लिस्ट इतनी लंबी है कि गंभीर के नाम 30 साल बाद बिना किसी घरेलू टेस्ट शतक के सीरीज खत्म करने का दाग भी जुड़ गया है। भारतीय टीम ने अपनी सबसे बड़ी हार 408 रनों के अंतर से झेली और घर पर पहली बार 50 रन से कम पर ऑल आउट हुई। क्या यह (Coaching Accountability) का समय नहीं है, जब मैनेजमेंट को यह सोचना चाहिए कि भारतीय क्रिकेट किस दिशा में जा रहा है? जिस कोच से टीम को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की उम्मीद थी, उसके नेतृत्व में टीम इंडिया रसातल की ओर जाती दिख रही है।

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