CoolerSafety – गर्मियों में कूलर चलाते समय इन बातों का रखें ध्यान
CoolerSafety – गर्मी बढ़ते ही ज्यादातर घरों में कूलर का इस्तेमाल शुरू हो जाता है। तेज गर्मी में ठंडी हवा राहत जरूर देती है, लेकिन लापरवाही बरतने पर यही कूलर दुर्घटना की वजह भी बन सकता है। हर साल करंट लगने, शॉर्ट सर्किट और मोटर में आग लगने जैसी घटनाएं सामने आती हैं। कई मामलों में कारण छोटी-छोटी अनदेखी ही होती है, जिन्हें समय रहते ठीक किया जा सकता था।

विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक बंद रहने के बाद गर्मियों में अचानक कूलर चलाने से पहले उसकी पूरी जांच जरूरी होती है। खासकर पुराने कूलर में वायरिंग और मोटर से जुड़ी समस्याएं ज्यादा देखने को मिलती हैं। कुछ सावधानियां अपनाकर ऐसे जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
इस्तेमाल से पहले वायरिंग की जांच जरूरी
कूलर चालू करने से पहले उसकी बिजली की वायरिंग ध्यान से देखनी चाहिए। यदि कहीं तार कटा हुआ, ढीला या जला हुआ दिखाई दे, तो उसे तुरंत बदलवाना बेहतर माना जाता है। कई लोग खराब तारों पर टेप लगाकर काम चलाते रहते हैं, लेकिन इससे शॉर्ट सर्किट और करंट लगने का खतरा बढ़ सकता है।
इलेक्ट्रिकल विशेषज्ञों के मुताबिक, पुराने प्लग और खराब स्विच भी परेशानी की वजह बन सकते हैं। इसलिए सीजन शुरू होने से पहले एक बार पूरे कनेक्शन की जांच करवा लेना सुरक्षित माना जाता है।
चलते कूलर में पानी भरना हो सकता है खतरनाक
गर्मी के दिनों में अक्सर लोग कूलर चलते समय ही उसमें पानी भर देते हैं। जानकार इसे सबसे बड़ी लापरवाही मानते हैं। गीले हाथों से कूलर को छूना या पानी डालना करंट लगने का कारण बन सकता है।
सुरक्षा के लिए पानी भरने से पहले हमेशा कूलर का प्लग निकाल देना चाहिए। यदि कूलर की बॉडी में हल्का करंट महसूस हो, तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत किसी प्रशिक्षित इलेक्ट्रीशियन से जांच करवाना जरूरी है।
मोटर और पंप की हालत पर रखें नजर
कूलर की मोटर और पानी खींचने वाला पंप लगातार उपयोग में रहने के कारण जल्दी खराब हो सकते हैं। यदि मोटर से असामान्य आवाज आ रही हो या जलने जैसी गंध महसूस हो, तो यह खराबी का संकेत हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बिना पानी के पंप चलने पर वह ज्यादा गर्म हो सकता है, जिससे नुकसान या हादसे का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए कूलर के टैंक में पर्याप्त पानी बनाए रखना जरूरी माना जाता है। साथ ही समय-समय पर सफाई करते रहने से भी मोटर पर दबाव कम पड़ता है।
लगातार तेज स्पीड में चलाना भी सही नहीं
कई घरों में कूलर घंटों तक लगातार हाई स्पीड पर चलाया जाता है। इससे मोटर पर लगातार लोड पड़ता रहता है और ओवरहीटिंग की समस्या हो सकती है। लंबे समय तक ऐसा होने पर मोटर खराब होने या स्पार्किंग का खतरा बढ़ सकता है।
तकनीकी जानकार सलाह देते हैं कि जरूरत के हिसाब से लो या मीडियम स्पीड का इस्तेमाल करना बेहतर रहता है। बीच-बीच में कूलर को कुछ देर बंद करने से मशीन को आराम मिल जाता है और उसकी कार्यक्षमता भी बनी रहती है।
वोल्टेज में उतार-चढ़ाव से बढ़ सकता है खतरा
जिन इलाकों में बिजली का वोल्टेज बार-बार ऊपर-नीचे होता रहता है, वहां कूलर की मोटर जल्दी प्रभावित हो सकती है। अचानक बिजली कटने और आने से स्पार्किंग या मोटर जलने की आशंका बढ़ जाती है।
ऐसी स्थिति में स्टेबलाइजर का उपयोग फायदेमंद माना जाता है। इससे बिजली का दबाव नियंत्रित रहता है और कूलर की सुरक्षा बनी रहती है। विशेषज्ञों का मानना है कि थोड़ी सावधानी और नियमित जांच से गर्मियों में कूलर का इस्तेमाल ज्यादा सुरक्षित बनाया जा सकता है।