Rishabh Pant – महंगे साबित हुए रन, कप्तानी पर भी उठे सवाल…
Rishabh Pant – इंडियन प्रीमियर लीग के हालिया दो सीजन ऋषभ पंत और लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहे। टीम ने उन्हें बड़ी रकम देकर अपने साथ जोड़ा था, लेकिन बल्लेबाजी और कप्तानी दोनों मोर्चों पर अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सके। लगातार दो सत्रों में टीम प्लेऑफ तक पहुंचने में नाकाम रही, जबकि पंत का व्यक्तिगत प्रदर्शन भी चर्चा का विषय बना रहा।

बड़े निवेश के बावजूद सीमित योगदान
लखनऊ सुपर जायंट्स ने मेगा नीलामी में ऋषभ पंत को 27 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड राशि देकर टीम में शामिल किया था। फ्रेंचाइजी को उनसे बड़े रन और मजबूत नेतृत्व की उम्मीद थी। हालांकि 2025 सीजन में वह 14 मैचों में 269 रन ही बना सके। आंकड़ों के आधार पर देखें तो उनकी सैलरी और बनाए गए रनों के बीच बड़ा अंतर नजर आया, जिसने क्रिकेट विश्लेषकों और प्रशंसकों का ध्यान खींचा।
2026 में भी नहीं बदली तस्वीर
अगले सीजन में भी फ्रेंचाइजी ने पंत पर भरोसा बनाए रखा और उन्हें बरकरार रखा गया। 2026 में उन्होंने 14 मुकाबलों में 312 रन बनाए। पिछले वर्ष की तुलना में रन जरूर बढ़े, लेकिन उनकी कीमत और प्रदर्शन के अनुपात को लेकर चर्चाएं जारी रहीं। टीम को उनसे जिस स्तर की निरंतरता और मैच जिताने वाली पारियां चाहिए थीं, वह देखने को नहीं मिलीं।
दो सीजन के आंकड़ों ने बढ़ाई बहस
अगर दोनों सीजन को मिलाकर देखा जाए तो पंत ने कुल 581 रन बनाए। इसी अवधि में उनकी कुल सैलरी 54 करोड़ रुपये रही। क्रिकेट जगत में इन आंकड़ों को लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं सामने आई हैं। कई विश्लेषकों का मानना है कि इतनी बड़ी राशि के साथ खिलाड़ियों पर अतिरिक्त अपेक्षाएं भी जुड़ जाती हैं और प्रदर्शन का मूल्यांकन अधिक बारीकी से किया जाता है।
कप्तानी में भी टीम को नहीं मिला फायदा
सिर्फ बल्लेबाजी ही नहीं, कप्तानी के मोर्चे पर भी लखनऊ सुपर जायंट्स का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा। 2025 सीजन में टीम 14 में से केवल 6 मैच जीत सकी थी। वहीं 2026 में स्थिति और चुनौतीपूर्ण रही, जब टीम ने 14 मुकाबलों में सिर्फ 4 जीत दर्ज की। कुल मिलाकर दो सीजन में 28 मैचों में से केवल 10 जीत हासिल हुईं, जो टीम की अपेक्षाओं से काफी कम मानी जा रही हैं।
प्लेऑफ से लगातार दूर रही फ्रेंचाइजी
आईपीएल जैसी प्रतिस्पर्धी लीग में प्लेऑफ में जगह बनाना किसी भी टीम का पहला लक्ष्य होता है। लखनऊ सुपर जायंट्स लगातार दो सीजन यह उपलब्धि हासिल नहीं कर सकी। 2026 में तो टीम अंक तालिका में निचले पायदानों पर रही। ऐसे प्रदर्शन के बाद टीम प्रबंधन और नेतृत्व संरचना को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक माना जा रहा है।
कप्तानी में बदलाव की चर्चा
सीजन समाप्त होने के बाद ऋषभ पंत की कप्तानी को लेकर भी चर्चा तेज हो गई। आधिकारिक तौर पर इसे कप्तानी छोड़ने का फैसला बताया गया, जबकि क्रिकेट जगत के कुछ वर्गों में नेतृत्व परिवर्तन को टीम की रणनीतिक जरूरत के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि फ्रेंचाइजी और खिलाड़ी दोनों की ओर से सार्वजनिक रूप से यही कहा गया है कि यह निर्णय आपसी समझ से लिया गया।
आगे की चुनौती होगी अहम
अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले सीजन में पंत किस भूमिका में नजर आते हैं और क्या वह अपने प्रदर्शन से आलोचनाओं का जवाब दे पाते हैं। भारतीय क्रिकेट में उनकी प्रतिभा पर कभी सवाल नहीं उठे, लेकिन आईपीएल में लगातार बेहतर प्रदर्शन करना किसी भी स्टार खिलाड़ी के लिए उतना ही जरूरी माना जाता है।