AgraCrime – जमीन विवाद में फंसाने को किसान ने रची गोली लगने की साजिश
AgraCrime – उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां कथित तौर पर हमले की सूचना पर पहुंची पुलिस को जांच के दौरान बिल्कुल अलग सच्चाई का पता चला। सदर क्षेत्र के उखर्रा रोड पर गोली लगने की खबर मिलने पर पुलिस एक घायल किसान को अस्पताल लेकर पहुंची थी। शुरुआत में मामला जानलेवा हमले का लग रहा था, लेकिन उपचार के दौरान डॉक्टरों ने जो देखा उसने पूरे घटनाक्रम की दिशा ही बदल दी।

घायल किसान के हाथ में गहरा घाव था और उस घाव के भीतर एक जिंदा कारतूस फंसा हुआ मिला। यह देखकर डॉक्टर भी हैरान रह गए। बाद में पुलिस की जांच में सामने आया कि यह घटना असल में विरोधियों को फंसाने के लिए रची गई एक कथित साजिश का हिस्सा हो सकती है।
जमीन विवाद से जुड़ा बताया जा रहा मामला
पुलिस के अनुसार घायल व्यक्ति की पहचान शमसाबाद क्षेत्र के गोपालपुरा गांव निवासी किसान अशोक शर्मा के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया कि उनका अपने रिश्तेदारों के साथ करीब तीन बीघा जमीन को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा है।
जांच में यह बात सामने आई कि इसी विवाद के चलते कथित तौर पर एक योजना बनाई गई थी। पुलिस का मानना है कि विरोधी पक्ष को गंभीर आपराधिक मामले में फंसाने के उद्देश्य से यह नाटक रचा गया।
घाव में मिला जिंदा कारतूस
अस्पताल में जब डॉक्टरों ने घायल का इलाज शुरू किया तो उनके हाथ में बने घाव के अंदर जिंदा कारतूस दिखाई दिया। सामान्यतः गोली लगने की घटना में शरीर के भीतर केवल बुलेट का हिस्सा जाता है, जबकि कारतूस का खोल बाहर गिर जाता है।
लेकिन इस मामले में पूरा कारतूस घाव के अंदर मौजूद था, जिससे डॉक्टरों और पुलिस दोनों को संदेह हुआ। चिकित्सकों ने यह जानकारी तुरंत पुलिस को दी, जिसके बाद मामले की जांच का तरीका बदल गया।
जांच में सामने आई नई कहानी
सदर क्षेत्र के पुलिस अधिकारियों के अनुसार घटनास्थल और मेडिकल रिपोर्ट की जांच के बाद संदेह गहरा गया। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को गोली मारी जाती है तो शरीर के भीतर केवल गोली का अग्र भाग जाता है, जबकि कारतूस का पिछला हिस्सा बाहर रह जाता है।
इस मामले में कारतूस का पिछला भाग घाव के भीतर और अग्र भाग बाहर की ओर दिखाई दिया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि उसे संभवतः हाथ से घाव में रखा गया होगा।
पुलिस को शक होने के पीछे यह वजह
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना की पूरी स्थिति देखकर यह अनुमान लगाया गया कि घायल व्यक्ति ने पहले किसी धारदार वस्तु से हाथ में गहरा घाव किया होगा। उसके बाद घाव के अंदर कारतूस डालकर हमले का रूप देने की कोशिश की गई।
अधिकारियों के अनुसार, यह भी संभव है कि योजना बनाने वाले लोगों को कारतूस और गोली के हिस्सों की पूरी जानकारी नहीं थी, जिसके कारण कारतूस उल्टी दिशा में घाव में रखा गया।
झूठे मुकदमे की आशंका पर जांच तेज
घटना के बाद घायल किसान के बेटे कृष्णकांत ने कुछ लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले का मामला दर्ज कराया था। हालांकि अब पुलिस इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच कर रही है।
सर्विलांस टीम को भी मामले में सबूत जुटाने के लिए लगाया गया है। पुलिस का कहना है कि मोबाइल लोकेशन, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
पुराने विवाद से जुड़ी हो सकती है घटना
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक दोनों पक्षों के बीच पहले भी विवाद रहा है। बताया जा रहा है कि लगभग चार साल पहले विरोधी पक्ष की ओर से भी इसी व्यक्ति के खिलाफ गंभीर आरोपों के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था।
जांच एजेंसियों का मानना है कि उसी विवाद के चलते यह घटना बदले की भावना में की गई हो सकती है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।



