Baghpat Chain Reaction Accident 2026: ताश के पत्तों की तरह टकराई 20 गाड़ियां, चीख-पुकार से दहला अक्षरधाम एलिवेटेड
Baghpat Chain Reaction Accident 2026: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में मंगलवार की सुबह काल बनकर आई। दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर स्थित खेकड़ा-अक्षरधाम एलिवेटेड रोड पर कुदरत के कहर ने रफ्तार के साथ मिलकर एक खौफनाक मंजर पैदा कर दिया। घने कोहरे के कारण (Dense Fog Road Hazards) ने चालकों की आंखों पर जैसे पट्टी बांध दी थी, जिसके चलते एक के बाद एक 20 से अधिक वाहन आपस में भिड़ गए। इस भीषण टक्कर ने हाईवे को लोहे के मलबे के ढेर में तब्दील कर दिया।

विजिबिलिटी जीरो और अचानक मची तबाही
हसनपुर मसूरी गांव के पास जब यह हादसा हुआ, उस समय दृश्यता बिल्कुल शून्य थी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कोहरा इतना डरावना था कि हाथ को हाथ नहीं सूझ रहा था। अचानक आगे चल रहे एक वाहन ने ब्रेक मारी और देखते ही देखते पीछे आ रही गाड़ियां (Massive Pileup Collision) का शिकार होती चली गईं। लग्जरी कारों से लेकर सामान लादे ट्रकों के परखच्चे उड़ गए और शांत सुबह घायलों की चीखों से गूंज उठी।
मलबे में तब्दील हुई गाड़ियां और रेस्क्यू का संघर्ष
सड़क पर गाड़ियों के आपस में गुंथ जाने के कारण यात्रियों को बाहर निकालना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती थी। स्थानीय ग्रामीणों ने साहस का परिचय देते हुए पुलिस के साथ मिलकर (Emergency Rescue Operations) शुरू किया। वाहनों के शीशे और गेट काटकर फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला गया। चारों तरफ खून से लथपथ लोग और क्षतिग्रस्त वाहनों को देखकर हर किसी का कलेजा कांप उठा।
घायलों से भर गए जिले के अस्पताल
पुलिस ने अपनी तत्परता दिखाते हुए 30 से अधिक घायलों को तुरंत खेकड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार, कई मरीजों को (Severe Traffic Injuries) के कारण प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर करना पड़ा है। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, जिनमें से कुछ की हालत अभी भी बेहद नाजुक बनी हुई है और वे जीवन-मौत के बीच जूझ रहे हैं।
एएसपी ने खुद संभाली कमान
हादसे की सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह चौहान भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और (Highway Traffic Management) को सुचारू करने के लिए कई क्रेनें मंगवाईं। घंटों की मशक्कत के बाद क्षतिग्रस्त वाहनों को रास्ते से हटाकर किनारे किया गया ताकि फंसे हुए अन्य वाहन अपनी मंजिलों की ओर रवाना हो सकें।
प्रशासन की वाहन चालकों से कड़ी अपील
अस्पताल में घायलों का हाल जानने पहुंचे एएसपी ने साफ शब्दों में कहा कि इस मौसम में लापरवाही जानलेवा हो सकती है। उन्होंने वाहन चालकों के लिए (Road Safety Guidelines) जारी करते हुए कहा कि कोहरे के दौरान रफ्तार को न्यूनतम रखें। हाईवे पर चलते समय फॉग लाइट का उपयोग करना अनिवार्य है ताकि पीछे से आ रहे वाहनों को आपकी मौजूदगी का आभास हो सके और ऐसे हादसों को टाला जा सके।
बार-बार हादसों का गवाह बनता एलिवेटेड हाईवे
हैरानी की बात यह है कि यह इस हाईवे पर पहला बड़ा हादसा नहीं है। ठीक दो दिन पहले भी इसी जगह पर दर्जनों गाड़ियां आपस में टकराई थीं। लगातार हो रहे इन हादसों ने (Infrastructure Safety Audit) की जरूरत को रेखांकित किया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हाईवे पर पर्याप्त रिफ्लेक्टिव साइनबोर्ड और लाइटों की कमी है, जो कोहरे के समय सुरक्षा प्रदान कर सकें।
हाईवे पर बढ़ाई गई पेट्रोलिंग और सुरक्षा उपाय
लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बाद प्रशासन अब नींद से जागा है। अधिकारियों ने हाईवे पर रात और सुबह के समय (Police Patrol Monitoring) बढ़ाने के कड़े निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही हाईवे की रेलिंग और मोड़ों पर रिफ्लेक्टिव टेप लगाने का काम शुरू किया जा रहा है ताकि कम रोशनी या कोहरे में भी चालकों को रास्ता साफ दिखाई दे सके और कोई अनहोनी न हो।
कोहरे के मौसम में मौत का हॉटस्पॉट बना रास्ता
खेकड़ा-अक्षरधाम एलिवेटेड हाईवे अब लोगों के बीच एक खौफनाक ‘हॉटस्पॉट’ के रूप में पहचाना जाने लगा है। कोहरे का प्रकोप बढ़ने के साथ ही (Winter Driving Challenges) बढ़ती जा रही हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि चालकों ने नियमों का पालन नहीं किया, तो आने वाले दिनों में यह आंकड़ा और भी भयावह हो सकता है। यह हादसा उन सभी के लिए एक सबक है जो धुंध में भी रफ्तार का शौक रखते हैं।
बचाव कार्य और भविष्य की सावधानी
फिलहाल हाईवे पर यातायात सामान्य हो गया है, लेकिन लोगों के मन में बैठा डर अभी खत्म नहीं हुआ है। सरकार को चाहिए कि (High Speed Road Security) को लेकर दीर्घकालिक समाधान निकाले। केवल रिफ्लेक्टिव टेप लगाना काफी नहीं है, बल्कि स्मार्ट फॉग डिटेक्शन सिस्टम जैसे तकनीकी उपायों की भी आवश्यकता है ताकि निर्दोष लोगों की जान बचाई जा सके और सफर सुरक्षित हो।



