उत्तर प्रदेश

BusinessIcon – फिटनेस और कारोबार की दुनिया में अलग पहचान बना गए प्रतीक

BusinessIcon – समाजवादी पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव के निधन से राजनीतिक परिवार के साथ-साथ कारोबारी और फिटनेस जगत में भी शोक का माहौल है। बड़े राजनीतिक घराने से संबंध रखने के बावजूद प्रतीक ने सार्वजनिक जीवन में अपनी अलग राह चुनी। उन्होंने राजनीति से दूरी बनाकर कारोबार, फिटनेस और समाज सेवा के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई। लखनऊ में आधुनिक जिम स्थापित करने से लेकर रियल एस्टेट कारोबार तक, उन्होंने कई क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई।

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फिटनेस को आधुनिक रूप देने की कोशिश

प्रतीक यादव को फिटनेस के प्रति उनकी गंभीरता के लिए जाना जाता था। गोमती नगर क्षेत्र में स्थापित उनका जिम शहर के चर्चित फिटनेस सेंटरों में शामिल था। यहां आधुनिक तकनीक से लैस कार्डियो और वर्कआउट मशीनें लगाई गई थीं, जिनका उपयोग उस समय प्रदेश में कम ही स्थानों पर देखने को मिलता था।

करीबी लोगों के अनुसार, प्रतीक खुद भी नियमित रूप से वर्कआउट करते थे और युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करते थे। फिटनेस के क्षेत्र में उनका उद्देश्य केवल व्यवसाय तक सीमित नहीं था, बल्कि लोगों को जागरूक करना भी था। बताया जाता है कि उनके जिम में एक समय में बड़ी संख्या में लोग प्रशिक्षण ले सकते थे।

विदेश में पढ़ाई के बाद कारोबार पर फोकस

प्रतीक यादव ने ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स से प्रबंधन की पढ़ाई की थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने रियल एस्टेट और फिटनेस सेक्टर में काम शुरू किया। उन्होंने अपने व्यवसाय को संगठित तरीके से आगे बढ़ाया और लखनऊ में कई व्यावसायिक परियोजनाओं से जुड़े।

रियल एस्टेट क्षेत्र में उनका ध्यान खासतौर पर शहर के तेजी से विकसित हो रहे इलाकों पर था। गोमती नगर विस्तार, शहीद पथ और सुलतानपुर रोड के आसपास उन्होंने कई परियोजनाओं में निवेश किया। व्यावसायिक भूमि और कॉमर्शियल स्पेस विकसित करने में भी उनकी रुचि रही।

कम उम्र में फिटनेस ट्रांसफॉर्मेशन से चर्चा में आए

प्रतीक यादव की फिटनेस यात्रा भी काफी चर्चित रही। बताया जाता है कि छात्र जीवन में उनका वजन काफी अधिक था, लेकिन बाद में उन्होंने कड़ी मेहनत और अनुशासित दिनचर्या के जरिए खुद को पूरी तरह बदल लिया। यही बदलाव उन्हें फिटनेस जगत में पहचान दिलाने की वजह बना।

उनकी फिटनेस को लेकर कई मंचों पर चर्चा हुई और वे युवाओं के बीच प्रेरणा के रूप में भी देखे गए। वे सोशल मीडिया के जरिए भी फिटनेस और स्वास्थ्य से जुड़े संदेश साझा करते रहते थे। महंगी गाड़ियों और आधुनिक जीवनशैली के शौक के बावजूद उन्होंने फिटनेस को अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया था।

पशु कल्याण कार्यों से भी जुड़े रहे

व्यवसाय और फिटनेस के अलावा प्रतीक यादव पशु कल्याण गतिविधियों में भी सक्रिय थे। लखनऊ में गौशाला और पशु चिकित्सा सेवाओं से जुड़े कई कार्यों में उनका योगदान बताया जाता है। नगर निगम से जुड़े अधिकारियों के अनुसार उन्होंने पशुओं के इलाज और देखभाल की सुविधाओं को बेहतर बनाने में सहयोग किया था।

उनकी संस्था ने कुछ वर्षों तक गौशाला संचालन का काम भी संभाला। इस दौरान पशुओं के लिए चिकित्सा उपकरण और अन्य सुविधाएं बढ़ाई गईं। जानवरों के प्रति उनका लगाव कई सामाजिक अभियानों में भी दिखाई देता था।

राजनीति से दूरी बनाकर बनाई अलग पहचान

राजनीतिक परिवार से आने के बावजूद प्रतीक यादव ने कभी सक्रिय राजनीति में कदम नहीं रखा। परिवार के अन्य सदस्य जहां चुनावी राजनीति में व्यस्त रहे, वहीं उन्होंने निजी व्यवसाय और सामाजिक गतिविधियों को प्राथमिकता दी। यही वजह रही कि वे अक्सर राजनीति से अलग अपनी व्यक्तिगत पहचान के कारण चर्चा में रहे।

उनके निधन की खबर के बाद कई सामाजिक, व्यावसायिक और राजनीतिक लोगों ने शोक जताया है। उन्हें एक ऐसे व्यक्ति के रूप में याद किया जा रहा है, जिसने पारिवारिक राजनीतिक विरासत के बावजूद अपनी अलग राह चुनी।

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