Crime-Investigation: ट्रिपल मर्डर की प्लानिंग! बहन-पुजारी के प्रेम प्रसंग पर हिंसक साबित हुआ भाई का क्रोध
Crime-Investigation: झांसी के प्राचीन सिद्धपीठ में दो दिसंबर को हुए पुजारी की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है (crime). जांच में सामने आया कि यह हत्या कोई साधारण रंजिश नहीं, बल्कि प्यार और परिवारिक विरोध की खतरनाक जंग में बदल गई थी। पुलिस के अनुसार लड़की से रिश्ते की वजह से पुजारी विशाल कुशवाहा की बेरहमी से हत्या की गई। युवती के भाई ने जब इस प्रेम संबंध की जानकारी पाई तो उसने अपने जीजा के साथ मिलकर खून खराबे की इस वारदात को अंजाम देने की साजिश रची।

प्यार में पनपी दुश्मनी बनी मौत की वजह
निगोनाखेड़ा निवासी 23 वर्षीय पुजारी विशाल कुशवाहा (murder) बरुआसागर बस स्टैंड स्थित सिद्धपीठ मंदिर में हवन और पूजा करवाते थे। दो दिसंबर की रात विशाल पूजा की तैयारी में जुटे थे। तभी वहां दुकान लगाने वाला बाला कुशवाहा अपने बहनोई सलिल के साथ पहुंचा। दोनों ने मंदिर परिसर में ही विशाल को गाली-गलौज करनी शुरू कर दी। विवाद बढ़ते ही बाला और सलिल ने विशाल का गला दबाने की कोशिश की, जिससे वह बेहोश होकर गिर पड़े। मंदिर के अन्य पुजारियों ने किसी तरह उसे अंदर ले जाकर संभाला, लेकिन हमलावर रुकने वाले नहीं थे।
माइक की रॉड बनी मौत का हथियार
बेहोश पड़े विशाल पर बाला कुशवाहा (violence) ने अचानक माइक की रॉड से ताबड़तोड़ वार शुरू कर दिए। ये वार इतने भयानक थे कि विशाल गंभीर रूप से घायल हो गए और खून से लथपथ होकर वहीं गिर पड़े। हमले के बाद उन्हें गंभीर हालत में ग्वालियर रेफर किया गया, जहां 6 दिसंबर को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने तुरंत FIR दर्ज की और आरोपियों की तलाश शुरू की।
सीसीटीवी ने खोले कई राज, आरोपी पकड़ में
पुलिस ने मंदिर परिसर के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले (surveillance)। फुटेज में साफ दिखा कि बाला हाथ में माइक की रॉड लिए मंदिर परिसर में दाखिल होता है और बेहोश पड़े विशाल पर वार करता है। यही फुटेज पूरे केस में निर्णायक साबित हुआ। इसके आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी बाला कुशवाहा को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसका बहनोई सलिल अब भी फरार बताया जा रहा है। पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी है।
तीन साल पुराने रिश्ते ने बदली कहानी
सीओ अजय कुमार राय के मुताबिक, पूछताछ में बाला कुशवाहा (relationship) ने चौंकाने वाला बयान दिया। उसने बताया कि उसकी बहन और पुजारी विशाल पिछले तीन साल से एक-दूसरे को जानते थे। दोनों ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाकर खुद को पति-पत्नी तक मान लिया था। हालांकि, इसका लड़की के परिवार ने विरोध किया और उन्होंने कई बार समझाकर लड़की को वापस घर ले जाया। इसके बावजूद बाला को शक था कि विशाल उसकी बहन से दोबारा संपर्क कर रहा है।
साज़िश की शुरुआत घर में, अंत मंदिर में
बाला का शक धीरे-धीरे नफरत में बदल रहा था (revenge)। उसने बहनोई सलिल के साथ मिलकर विशाल को सबक सिखाने और हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की योजना बनाई। इसी योजना के तहत दोनों दो दिसंबर की रात मंदिर पहुंचे। पहले उन्होंने विशाल को उकसाया, फिर उसे गला दबाकर मारने की कोशिश की। भीड़ के कारण यह प्रयास असफल रहा, लेकिन विशाल के बेहोश होते ही उन्होंने मौका पाकर उसकी जान लेने में देरी नहीं की।
बेरहम वारदात जिसने हिला दिया पूरा क्षेत्र
सिद्धपीठ जैसे धार्मिक स्थल पर इस तरह की नृशंस हत्या ने पूरे इलाके को दहला दिया (incident)। मंदिर के लोगों ने बताया कि विशाल शांत स्वभाव के थे और पूजा-पाठ में ही व्यस्त रहते थे। उनकी इस दर्दनाक मौत ने न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे आसपास के लोगों को सदमे में डाल दिया है।
पुलिस की कार्रवाई तेज, फरार आरोपी पर शिकंजा कसने की तैयारी
एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस फरार जीजा सलिल की तलाश में जगह-जगह दबिश दे रही है (investigation)। अधिकारियों का कहना है कि फुटेज और बयान उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं और जल्दी ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस पूरे मामले को प्रेम संबंध की वजह से हुई हत्या मानकर जांच को अंतिम रूप दे रही है।
मंदिर में हुआ खून, परिवार में मातम
यह घटना इस बात का दर्दनाक उदाहरण है कि व्यक्तिगत रिश्तों और परिवारिक दबाव से जन्मी गलतफहमी कैसे खून-खराबे में बदल जाती है (tragedy)। विशाल के घर पर मातम पसरा है, और लोग न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।



