CrimeCase – कानपुर में जुड़वा बेटियों की हत्या के बाद आरोपी से परिवार ने तोड़ा नाता
CrimeCase – कानपुर के किदवईनगर स्थित त्रिमूर्ति अपार्टमेंट में 11 वर्षीय जुड़वा बेटियों की हत्या के मामले ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। इस दर्दनाक घटना के बाद आरोपी शशिरंजन के अपने ही परिवार ने उससे दूरी बना ली है। घटना के बाद से उसके पिता और बड़े भाई का कोई भी सदस्य कानपुर नहीं पहुंचा, जिससे मामले में एक नया सामाजिक पहलू भी सामने आया है।

घटना के बाद परिवार ने किया किनारा
मृत बच्चियों की मां रेशमा छेत्री ने बताया कि घटना वाले दिन सुबह पुलिस ने उन्हें जगाया, तब उन्होंने सबसे पहले अपने पति के बड़े भाई राजीव मिश्रा को फोन कर पूरी जानकारी दी। राजीव ने यह बात अपने पिता शेखर मिश्रा को बताई। बताया जा रहा है कि पिता ने इस पर सख्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो किया है, उसका परिणाम भुगतना होगा। इसके बाद परिवार की ओर से कोई संपर्क नहीं हुआ और फोन भी बंद हो गया।
आरोपी के व्यवहार को लेकर सामने आईं बातें
रिश्तेदारों के अनुसार, शशिरंजन का व्यवहार पिछले कुछ वर्षों में काफी बदल गया था। वह कम उम्र में ही बिहार छोड़कर कानपुर आ गया था और यहां मेडिकल क्षेत्र से जुड़कर काम करने लगा। मेडिकल रिप्रजेंटेटिव के रूप में काम करते हुए उसकी आमदनी बढ़ी, लेकिन इसके साथ ही उसके स्वभाव में भी बदलाव आने लगा। परिवार के लोगों का कहना है कि वह धीरे-धीरे घमंडी हो गया और रिश्तेदारों से दूरी बनाने लगा।
नशे की आदत और परिवार से दूरी
करीबी लोगों ने यह भी बताया कि शशिरंजन को शराब की लत लग गई थी। जब वह बिहार स्थित अपने घर जाता था, तब भी परिवार के सदस्यों से उसका व्यवहार सामान्य नहीं रहता था। रिश्तेदारों का आरोप है कि वह बातचीत के दौरान अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करता था। एक रिश्तेदार ने बताया कि फोन या वीडियो कॉल पर भी वह कई बार अभद्र व्यवहार कर चुका था।
मायके पक्ष के पहुंचने पर भावुक हुई मां
जहां आरोपी का परिवार उससे दूरी बनाए हुए है, वहीं रेशमा के मायके पक्ष के लोग घटना की सूचना मिलते ही कानपुर पहुंच गए। सोमवार देर रात जब उसके भाई और अन्य परिजन पहुंचे, तो उन्हें देखकर रेशमा खुद को संभाल नहीं सकीं और रो पड़ीं। परिवार के सदस्यों ने उन्हें ढांढस बंधाया और इस कठिन समय में साथ रहने का भरोसा दिया।
अपार्टमेंट में मासूम बच्चियों की यादें
त्रिमूर्ति अपार्टमेंट के निवासियों के लिए यह घटना बेहद दुखद है। पड़ोसियों का कहना है कि रिद्धि और सिद्धि सभी की चहेती थीं। उनकी मासूमियत और चंचलता से पूरा परिसर जीवंत रहता था। बच्चे अक्सर खेलते-कूदते नजर आते थे और उनकी शरारतें भी लोगों को पसंद आती थीं। कई निवासी बताते हैं कि वे बच्चियों को अपने पास बुलाकर उनसे बातें किया करते थे।
इलाके में शोक और सवाल
इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। लोग न सिर्फ इस दर्दनाक वारदात से स्तब्ध हैं, बल्कि यह भी समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों बनी। घटना ने परिवार, सामाजिक संबंधों और मानसिक स्थिति जैसे कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
जांच और आगे की कार्रवाई
पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके।