CyberCrime – गूगल अलर्ट के बाद बाल अश्लील सामग्री बेचने वाला आरोपी गिरफ्तार…
CyberCrime- उत्तर प्रदेश के कानपुर में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिस पर इंटरनेट के माध्यम से बाल यौन शोषण से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री बेचने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई गूगल से प्राप्त एक अलर्ट के आधार पर की गई। आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनकी जांच में कई आपत्तिजनक वीडियो और अन्य डिजिटल सामग्री मिलने का दावा किया गया है। मामले में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

गूगल अलर्ट से शुरू हुई जांच
साइबर थाना प्रभारी सतीश यादव के मुताबिक, गूगल ने एक संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की जानकारी नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉइटेड चिल्ड्रेन (NCMEC) को भेजी थी। इसके बाद यह सूचना नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) तक पहुंची। उपलब्ध तकनीकी जानकारी के आधार पर संबंधित मोबाइल नंबर और आईएमईआई की जांच की गई, जिसके बाद पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही।
सोशल मीडिया के जरिए बेचता था सामग्री
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान कानपुर के जाजमऊ निवासी मोहम्मद नोमान के रूप में हुई है। जांच में सामने आया कि वह कथित रूप से पिछले कुछ वर्षों से टेलीग्राम के विभिन्न समूहों से आपत्तिजनक वीडियो डाउनलोड करता था। इसके बाद उन वीडियो की छोटी क्लिप सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा कर इच्छुक लोगों से पूरे वीडियो के बदले 100 से 150 रुपये तक की रकम वसूलता था। पुलिस फिलहाल उसके डिजिटल नेटवर्क और संपर्कों की भी जांच कर रही है।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी गिरफ्तारियां
कमिश्नरेट पुलिस ने बताया कि इससे पहले भी इसी प्रकार के मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है। हाल के महीनों में गूगल से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर चमनगंज और चकेरी क्षेत्रों में भी कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का कहना है कि ऑनलाइन माध्यम से बाल यौन शोषण से जुड़ी सामग्री के प्रसार पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और ऐसे मामलों में तकनीकी एजेंसियों के सहयोग से कार्रवाई की जा रही है।
भदोही में भी पुलिस की अलग कार्रवाई
इसी बीच भदोही पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए कथित अवैध गतिविधियों का संचालन करने के आरोप में एक महिला समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों पर फर्जी पहचान बनाकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोगों को जोड़ने और अवैध लेनदेन से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। उनके पास से मोबाइल फोन और आधार कार्ड बरामद किए जाने की जानकारी दी गई है।
फर्जी पहचान बनाकर चलाए जा रहे थे अकाउंट
अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी कथित रूप से फर्जी नाम और दस्तावेजों के आधार पर सोशल मीडिया अकाउंट संचालित करते थे। पुलिस अब बरामद मोबाइल, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच करा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले में साइबर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।