उत्तर प्रदेश

Deoria Crime News Today: खौफनाक साजिश! देवरिया में टहलने निकले युवक का किडनैप कर की गई जिंदा जलाने की कोशिश

Deoria Crime News Today: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। भटनी थाना क्षेत्र के एक गांव में जब लोग अपनी सुबह की शुरुआत कर रहे थे, तभी एक युवक के साथ (attempt to murder) जैसी जघन्य वारदात को अंजाम देने की कोशिश की गई। इस घटना ने न केवल स्थानीय निवासियों को डरा दिया है, बल्कि पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी पर भी सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

Deoria Crime News Today
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टहलने निकले रंजीत के साथ हुई अनहोनी

मोतीपुर भुवाल गांव के रहने वाले 35 वर्षीय रंजीत कुशवाहा रोज की तरह सुबह ताजी हवा में टहलने के लिए घर से निकले थे। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि रास्ते में मौत उनका इंतजार कर रही है। रंजीत का आरोप है कि वह अभी कुछ ही दूर पहुंचे थे कि तभी (motorcycle attackers) ने उन्हें घेर लिया और एक ऐसी साजिश रची जिसने उनकी जान जोखिम में डाल दी। इस अचानक हुए हमले ने पीड़ित को संभलने का मौका तक नहीं दिया।

रुमाल का जादू और बेहोशी का आलम

पीड़ित रंजीत के अनुसार, बाइक सवार दो युवकों ने उनके पास आकर रुकते ही उनके चेहरे पर एक नशीला रुमाल फेंक दिया। नशीले पदार्थ के असर से वह तुरंत (loss of consciousness) की स्थिति में चले गए और जमीन पर गिर पड़े। हमलावरों ने इस स्थिति का फायदा उठाया और उन्हें अगवा कर एक सुनसान इलाके की ओर ले गए। दिनदहाड़े हुई इस किडनैपिंग की घटना ने अपराधियों के बुलंद हौसलों को उजागर कर दिया है।

10 लाख की फिरौती और ताल में मौत का खेल

होश आने पर रंजीत ने खुद को भिंगारी बाजार क्षेत्र के एक ताल के पास पाया, जहां हमलावर उनसे 10 लाख रुपये की मोटी रकम मांग रहे थे। आरोपियों ने धमकी दी कि अगर पैसे नहीं मिले तो उन्हें जिंदा जला दिया जाएगा। इस (kidnapping for ransom) के मामले में अपराधियों ने रंजीत पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर उन्हें जलाने का प्रयास भी किया। चीख-पुकार सुनकर कुछ स्थानीय लोग वहां पहुंचने लगे, जिन्हें देख आरोपी मौके से फरार हो गए।

मेडिकल कॉलेज में जिंदगी और मौत की जंग

गंभीर रूप से झुलसी हुई अवस्था में रंजीत को तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उनकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कालेज रेफर कर दिया। अस्पताल में (emergency medical treatment) के दौरान पीड़ित की स्थिति पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं। रंजीत का कहना है कि हालांकि वह हमलावरों के चेहरों को नहीं पहचानते, लेकिन उन्होंने उस बाइक का नंबर नोट कर लिया है जिससे उन्हें अगवा किया गया था।

एएसपी सुनील कुमार सिंह ने संभाली कमान

घटना की सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) सुनील कुमार सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और बारीकी से मुआयना किया। पुलिस अधिकारियों ने (crime scene investigation) के दौरान घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और पीड़ित का आधिकारिक बयान दर्ज कर लिया है। पुलिस इस मामले को सुलझाने के लिए सर्विलांस और अन्य तकनीकी माध्यमों का सहारा ले रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके।

पुरानी रंजिश या रुपयों का लेन-देन

प्रारंभिक जांच में पुलिस को इस वारदात के पीछे रुपयों के लेन-देन का विवाद नजर आ रहा है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि (financial dispute investigation) के दौरान कई अहम सुराग मिले हैं जो इस घटना की कड़ियां जोड़ सकते हैं। गांव के कुछ लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि रंजीत का हाल के दिनों में किसी के साथ कोई बड़ा आर्थिक विवाद तो नहीं चल रहा था।

पिछले साल की घटना ने बढ़ाया संदेह

जांच के दौरान एक चौंकाने वाला तथ्य यह भी सामने आया है कि रंजीत कुशवाहा ने करीब एक साल पहले भी खुद को जलाने के प्रयास का आरोप लगाया था। उस समय भी भटनी थाने में (police case history) दर्ज की गई थी। पुलिस अब इस पुराने मामले और वर्तमान घटना के बीच संबंध तलाश रही है। अधिकारी यह देख रहे हैं कि क्या यह वास्तव में कोई जानलेवा हमला है या फिर इसके पीछे की कहानी कुछ और है।

बाइक नंबर के जरिए हत्यारों की तलाश तेज

पुलिस के लिए इस समय सबसे बड़ा सुराग वह बाइक नंबर है जो पीड़ित ने मुहैया कराया है। एएसपी के निर्देश पर (police search operation) तेज कर दिया गया है और जिले के सभी संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस का मानना है कि जैसे ही बाइक का मालिक पकड़ में आएगा, इस पूरी साजिश का पर्दाफाश हो जाएगा और असली गुनहगार सलाखों के पीछे होंगे।

गांव में तनाव और पुलिस की गश्त

इस घटना के बाद मोतीपुर भुवाल और आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल व्याप्त है। लोग दहशत में हैं और सुबह की सैर पर जाने से भी कतरा रहे हैं। प्रशासन ने (public safety measures) के तहत इलाके में पुलिस गश्त बढ़ा दी है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर उन्हें कड़ी सजा दी जाए।

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