उत्तर प्रदेश

EducationScheme – यूपी में छात्रवृत्ति वितरण और आंगनबाड़ी योजनाओं को मिली नई गति

EducationScheme – उत्तर प्रदेश में विद्यार्थियों और महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं को एक साथ आगे बढ़ाने की तैयारी की गई है। राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्रों को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ दिया जाएगा। सरकार के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों को शिक्षा में निरंतरता बनाए रखने में मदद करना है, ताकि वे बिना किसी आर्थिक बाधा के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।

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लाखों छात्रों को सीधे खाते में सहायता राशि

पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री नरेंद्र कश्यप ने जानकारी दी कि कक्षा 9-10 और उससे ऊपर के लगभग 27.99 लाख विद्यार्थियों को करीब 3350 करोड़ रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी। इस वितरण में विभिन्न वर्गों के छात्रों को शामिल किया गया है। अनुसूचित जाति के 6.68 लाख से अधिक विद्यार्थियों को लगभग 468 करोड़ रुपये, सामान्य वर्ग के करीब 4.95 लाख छात्रों को 779 करोड़ रुपये, अन्य पिछड़ा वर्ग के 13.52 लाख छात्रों को 1838 करोड़ रुपये से अधिक और अल्पसंख्यक वर्ग के लगभग 2.75 लाख विद्यार्थियों को 252 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। वहीं अनुसूचित जनजाति के 7 हजार से अधिक छात्रों को भी आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

डीबीटी के जरिए पारदर्शी भुगतान व्यवस्था

सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए भी बड़ी योजना तैयार की है, जिसके तहत 65 लाख से अधिक लाभार्थियों को 4735 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे खातों में भेजी जाएगी। इस प्रणाली से पारदर्शिता बढ़ी है और बिचौलियों की भूमिका लगभग समाप्त हो गई है। साथ ही, छात्रवृत्ति प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए पूरे सिस्टम को डिजिटल किया जा रहा है और एक मोबाइल ऐप भी विकसित किया जा रहा है, जिससे आवेदन प्रक्रिया सरल और तेज हो सके।

आंगनबाड़ी सेवाओं में डिजिटल बदलाव की पहल

कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन उपलब्ध कराए जाने की भी योजना है। इससे बच्चों और गर्भवती महिलाओं से जुड़े डेटा का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जा सकेगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे योजनाओं की निगरानी अधिक सटीक और प्रभावी होगी। इसके अलावा, आंगनबाड़ी केंद्रों के नए डिजाइन भी प्रस्तुत किए जाएंगे, जिनकी लागत प्रति भवन लगभग 30 लाख रुपये बताई गई है।

नए केंद्रों का निर्माण और पुराने का लोकार्पण

प्रदेश के कई जिलों में आंगनबाड़ी ढांचे को मजबूत करने के लिए निर्माण कार्यों की शुरुआत की जा रही है। 13 जिलों में 633 केंद्रों, 28 जिलों में 71 बाल विकास परियोजना कार्यालयों और अन्य 27 जिलों में 69 केंद्रों का शिलान्यास होगा। इन परियोजनाओं पर करीब 137 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके साथ ही 70 जिलों में 2468 आंगनबाड़ी केंद्रों और 29 जिलों में 69 परियोजना कार्यालयों का उद्घाटन भी किया जाएगा, जिनकी कुल लागत 313 करोड़ रुपये से अधिक है। इन परियोजनाओं से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

बच्चों के स्वास्थ्य निगरानी उपकरणों का वितरण

बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आधुनिक उपकरण भी दिए जाएंगे। इनमें बच्चों की लंबाई और वजन मापने के लिए स्टैडियोमीटर, इन्फैंटोमीटर और वेटिंग स्केल शामिल हैं। पूरे प्रदेश में लाखों की संख्या में ये उपकरण वितरित किए जाएंगे, जिससे बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य की निगरानी और बेहतर हो सकेगी।

मिशन रोजगार के तहत नियुक्ति पत्र वितरण

इस आयोजन में रोजगार से जुड़ी पहल भी शामिल है। मुख्यमंत्री द्वारा चयनित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा, विभिन्न जिलों में जनप्रतिनिधियों के माध्यम से सैकड़ों कार्यकर्ताओं और हजारों सहायिकाओं को भी नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। इससे न केवल सेवाओं में मजबूती आएगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

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