Encounter – मोरंग व्यापारी अपहरण कांड में दो आरोपी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार
Encounter – लखनऊ जिले में मोरंग व्यापारी के अपहरण से जुड़े मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार रात हुई इस कार्रवाई के दौरान एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जबकि उसके साथी को घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से अवैध हथियार, कारतूस, एक मोटरसाइकिल और 58 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।

गश्त के दौरान मिली अहम सूचना
पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के अनुसार, शुक्रवार रात नवाबगंज थानाध्यक्ष अभय सिंह अपनी टीम और एसओजी के साथ इलाके में नियमित गश्त कर रहे थे। इसी दौरान सूचना मिली कि हाल ही में हुए अपहरण कांड में शामिल दो संदिग्ध उमरिया पावर हाउस की दिशा में आ रहे हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम सतर्क हो गई और बताए गए स्थान के आसपास घेराबंदी कर दी। उमरिया पावर हाउस के पास पुलिस ने दोनों संदिग्धों को रोकने की कोशिश की, लेकिन हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए।
पुलिस पर फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में आरोपी घायल
पुलिस के अनुसार, खुद को चारों तरफ से घिरा देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी कार्रवाई की। इस दौरान एक आरोपी विकास मिश्रा के पैर में गोली लग गई और वह मौके पर ही घायल हो गया।
दूसरा आरोपी सौरभ दुबे मौके से भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पुलिस ने तेजी से घेराबंदी कर उसे भी पकड़ लिया। दोनों को तत्काल हिरासत में ले लिया गया।
घायल आरोपी का अस्पताल में इलाज
घायल बदमाश विकास मिश्रा, जो गोंडा जिले के रामापुर भगाही का निवासी बताया जा रहा है, उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक उसकी हालत फिलहाल स्थिर है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार विकास मिश्रा के खिलाफ अयोध्या जिले में चोरी समेत कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं सौरभ दुबे, जो बस्ती जिले के परशुरामपुर थाना क्षेत्र के बनभरिया गांव का रहने वाला है, उसके खिलाफ भी मारपीट और अन्य आपराधिक मामलों में मुकदमे दर्ज हैं।
आरोपियों से हथियार और नकदी बरामद
पुलिस ने दोनों आरोपियों की तलाशी के दौरान कई आपत्तिजनक सामान बरामद किए। इनमें दो अवैध तमंचे (.315 बोर), दो जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस शामिल हैं।
इसके अलावा एक पैशन प्रो मोटरसाइकिल और 58 हजार रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं। पुलिस का मानना है कि यह रकम हालिया अपराधों से जुड़ी हो सकती है, जिसकी जांच जारी है।
कैसे हुआ था मोरंग व्यापारी का अपहरण
इस पूरे मामले की शुरुआत 2 मार्च को हुई थी, जब पहली गांव निवासी सुशीला यादव ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि एक काले रंग की थार गाड़ी से आए व्यक्ति ने उनके पति अंकित कुमार यादव को घर से बुलाया था।
अंकित यादव अपनी मोटरसाइकिल से कटरा तिराहा की ओर जा रहे थे। रास्ते में अकबरपुर चौराहे के पास बदमाशों ने उन्हें रोक लिया और जबरन थार में बैठाकर उनका अपहरण कर लिया।
पुलिस ने चार टीमें बनाकर की थी तलाश
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर चार अलग-अलग टीमों का गठन किया। लगातार की गई तलाश और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने अपहृत अंकित कुमार यादव को मसकनवा गौशाला तिराहा के पास से सुरक्षित बरामद कर लिया।
अपहृत को सुरक्षित छुड़ाने के बाद पुलिस ने पूरे गिरोह की तलाश तेज कर दी थी, जिसके चलते शुक्रवार रात यह मुठभेड़ हुई।
पूछताछ में एक और लूट का खुलासा
पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान आरोपियों ने एक और वारदात का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि 4 फरवरी को खोड़ारे थाना क्षेत्र के कूकनगर ग्रांट निवासी निर्मल प्रसाद दुबे से रास्ता पूछने के बहाने बातचीत की थी।
इसके बाद कट्टे की बट से उनके सिर पर हमला कर करीब 10 हजार रुपये लूट लिए थे। पुलिस इस वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।



