FakeCurrency – प्रयागराज में नकली नोट गिरोह का भंडाफोड़, चार गिरफ्तार
FakeCurrency – प्रयागराज में पुलिस ने नकली नोटों के कारोबार से जुड़े एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। गंगानगर जोन की टीम ने सोमवार देर रात कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके पास से बड़ी मात्रा में नकली नोटों के साथ वाहन और नोट छापने से जुड़े उपकरण भी बरामद किए गए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गिरोह कई जिलों में सक्रिय था और बाजार में फर्जी नोट खपाने का काम कर रहा था।

गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई मुखबिर से मिली सूचना के बाद की गई। सरायइनायत थाना, एसओजी और सर्विलांस टीम ने संयुक्त रूप से योजना बनाकर हबूसा मोड़ के पास नहर पुलिया पर घेराबंदी की। देर रात करीब दस बजे चार संदिग्धों को रोका गया, जिनकी तलाशी लेने पर नकली नोट बरामद हुए।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान भदोही और देवरिया जिलों के रहने वाले युवकों के रूप में हुई है। इनके पास से 500 और 100 रुपये के नकली नोट मिले, जिनकी कुल कीमत एक लाख से अधिक बताई जा रही है। इसके अलावा एक कार और बाइक भी जब्त की गई है।
छापेमारी में मिला पूरा प्रिंटिंग सेटअप
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि नकली नोटों की छपाई देवरिया में एक किराए के कमरे में की जाती थी। इसके आधार पर पुलिस ने वहां छापेमारी की, जहां से लैपटॉप, प्रिंटर, विशेष कागज और अन्य तकनीकी उपकरण बरामद किए गए।
अधिकारियों का कहना है कि यह सेटअप छोटे स्तर पर होते हुए भी संगठित तरीके से काम कर रहा था। नकली नोटों की गुणवत्ता ऐसी थी कि पहली नजर में उन्हें पहचानना आसान नहीं था।
कई जिलों में फैला था नेटवर्क
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह प्रयागराज, वाराणसी और आसपास के अन्य जिलों में सक्रिय था। आरोपी बाजार में असली नोटों के बदले नकली नोट चलाते थे और इसके बदले कमीशन लेते थे।
पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य मांग के अनुसार नकली नोट सप्लाई करते थे और 40 से 50 प्रतिशत तक का कमीशन वसूलते थे। इससे संकेत मिलता है कि यह नेटवर्क संगठित रूप से काम कर रहा था और लंबे समय से सक्रिय हो सकता है।
सरगना की तलाश जारी
पुलिस ने बताया कि इस गिरोह का मुख्य सरगना अभी गिरफ्त से बाहर है। पूछताछ में उसका नाम सामने आया है और उसकी तलाश के लिए टीमों को लगाया गया है।
जानकारी के अनुसार, गिरोह का कथित सरगना पहले जिला पंचायत सदस्य का चुनाव भी लड़ चुका है और स्थानीय स्तर पर उसकी पहचान रही है। पुलिस उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
पुलिस टीम को मिला पुरस्कार
इस कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाली टीम की सराहना करते हुए अधिकारियों ने उन्हें नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। पुलिस का कहना है कि इस तरह के मामलों में सख्ती से कार्रवाई जारी रहेगी ताकि नकली नोटों के कारोबार पर रोक लगाई जा सके।
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि संगठित अपराध किस तरह तकनीक का इस्तेमाल कर अवैध गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं, और इससे निपटने के लिए लगातार सतर्कता जरूरी है।



