FuelPrice – पेट्रोल-डीजल महंगा होने से यूपी समेत कई शहरों में दिखा असर
FuelPrice – देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे आम लोगों पर महंगाई का दबाव और बढ़ गया है। तेल विपणन कंपनियों ने सोमवार को पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम बढ़ाए। नई दरों के बाद राजधानी दिल्ली सहित उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ईंधन की कीमतें नए उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं।

लगातार चौथी बार बढ़े दाम
पिछले कुछ दिनों में ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है। 15 मई के बाद से यह चौथी बार है जब पेट्रोल और डीजल की दरों में संशोधन किया गया है। दिल्ली में अब पेट्रोल 102 रुपये प्रति लीटर से ऊपर पहुंच गया है, जबकि डीजल की कीमत भी 95 रुपये प्रति लीटर के पार चली गई है।
विशेषज्ञों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी का असर घरेलू बाजार पर दिखाई दे रहा है। तेल कंपनियां वैश्विक कीमतों के आधार पर दरों में बदलाव कर रही हैं, जिसका सीधा असर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है।
उत्तर प्रदेश के शहरों में नई कीमतें
उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में भी ईंधन महंगा हो गया है। लखनऊ में पेट्रोल 102 रुपये प्रति लीटर के आसपास पहुंच गया है, जबकि डीजल की कीमत 95 रुपये से अधिक हो चुकी है। प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर और गोरखपुर जैसे शहरों में भी दाम लगातार ऊपर जा रहे हैं।
आगरा और मेरठ में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि दर्ज की गई है। परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ती कीमतों से माल ढुलाई और सार्वजनिक परिवहन की लागत बढ़ सकती है, जिसका असर अन्य वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ने की संभावना है।
चार साल के उच्च स्तर पर पहुंचा ईंधन
तेल कंपनियों द्वारा जारी नई दरों के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतें पिछले कई वर्षों के उच्च स्तर के करीब पहुंच गई हैं। जानकारों का कहना है कि मई महीने से अब तक ईंधन की कीमतों में कुल मिलाकर लगभग साढ़े सात रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हो चुकी है।
दिल्ली में प्रीमियम पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। इसी तरह कोलकाता और चेन्नई जैसे महानगरों में भी ईंधन के दाम बढ़े हैं। कई राज्यों में डीजल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर के करीब पहुंच चुकी है।
कच्चे तेल के बाजार में उतार-चढ़ाव
अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाल के दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और आपूर्ति से जुड़ी चिंताओं के कारण पहले कीमतों में तेजी आई थी। हालांकि अब अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में प्रगति की खबरों के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कुछ नरमी देखने को मिली है।
ब्रेंट क्रूड की कीमत हाल ही में 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आई है, लेकिन घरेलू बाजार में इसका असर अभी पूरी तरह दिखाई नहीं दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय हालात के अनुसार ईंधन कीमतों में और बदलाव संभव है।
महंगाई को लेकर बढ़ी चिंता
लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों ने आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। पेट्रोल और डीजल महंगे होने से परिवहन, खाद्य सामग्री और रोजमर्रा की जरूरतों पर असर पड़ सकता है। व्यापारिक संगठनों और उपभोक्ता समूहों ने सरकार से राहत देने वाले कदमों पर विचार करने की मांग भी की है।
फिलहाल लोगों की नजर इस बात पर बनी हुई है कि आने वाले दिनों में तेल कंपनियां कीमतों में स्थिरता लाती हैं या फिर बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रहता है।