GorakhpurHealth – मोतियाबिंद सर्जरी के बाद संक्रमण, लाइसेंस रद्द करने की संस्तुति
GorakhpurHealth – गोरखपुर के सिकरीगंज स्थित एक निजी अस्पताल में मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद फैले संक्रमण मामले की मजिस्ट्रियल जांच पूरी हो गई है। जांच रिपोर्ट में ऑपरेशन थियेटर में संक्रमण और प्रक्रियागत लापरवाही की पुष्टि की गई है। प्रशासन को सौंपी गई रिपोर्ट में अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करने की सिफारिश की गई है। इस बीच, सर्जरी करा चुके कुछ मरीजों की स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।

जांच में संक्रमण की पुष्टि
एक फरवरी को न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल में 30 मरीजों की मोतियाबिंद सर्जरी की गई थी। अगले ही दिन 22 मरीजों में आंखों में गंभीर संक्रमण के लक्षण दिखाई दिए। स्थिति बिगड़ने पर कई मरीजों को उच्च संस्थानों में रेफर किया गया। दिल्ली के एम्स सहित अन्य अस्पतालों में इलाज के दौरान 12 लोगों की दृष्टि चली गई, जबकि 10 मरीजों की आंखें निकालनी पड़ीं। जांच समिति ने ऑपरेशन थियेटर से लिए गए नमूनों की प्रयोगशाला में जांच कराई। रिपोर्ट में सर्जरी के दौरान इस्तेमाल मशीन के बटन पर स्ट्रेप्टोकोकस बैक्टीरिया पाए जाने की पुष्टि हुई।
प्रोटोकॉल में खामियों का उल्लेख
मजिस्ट्रियल रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि स्टरलाइजेशन की प्रक्रिया मानक के अनुरूप नहीं थी। उपकरण रखने वाली ट्रॉली में बैक्टीरियल संक्रमण मिला। साथ ही यह भी पाया गया कि स्टरलाइजेशन कक्ष और ऑपरेशन थियेटर के बीच आवश्यक संरचनात्मक व्यवस्था नहीं थी। उपकरणों को एक अतिरिक्त कमरे से होकर ओटी तक ले जाया जा रहा था, जो निर्धारित प्रोटोकॉल के खिलाफ माना गया। इन खामियों को संक्रमण फैलने की प्रमुख वजह बताया गया है।
प्रशासन की कार्रवाई
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने पुष्टि की है कि जांच रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है और अस्पताल के लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग भी इस प्रकरण पर नजर बनाए हुए है।
मरीजों की हालत अब भी चिंता का विषय
संक्रमण से प्रभावित मरीजों में से कुछ की दूसरी आंख में भी समस्या सामने आई है। चार मरीजों में दूसरी आंख में संक्रमण की आशंका जताई गई है। एक बुजुर्ग मरीज को दोबारा दिल्ली बुलाया गया है, जबकि अन्य का नियमित फॉलोअप चल रहा है। परिजनों के मुताबिक, इलाज के बावजूद उन्हें लंबी चिकित्सा प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है।
अन्य अस्पतालों का निरीक्षण
घटना के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जिले के चार अस्पतालों के ऑपरेशन थियेटर का निरीक्षण किया। संक्रमण नियंत्रण के उपायों की समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि सभी अस्पतालों को स्टरलाइजेशन और इंफेक्शन कंट्रोल के मानकों का कड़ाई से पालन करना होगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।
यह मामला स्वास्थ्य सेवाओं में सतर्कता और मानक प्रक्रियाओं के पालन की अहमियत को रेखांकित करता है। प्रशासनिक कार्रवाई और चिकित्सा निगरानी के बीच प्रभावित मरीजों के उपचार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।



