Indigo Flight Bomb Threat News: बाथरूम के टिश्यू पेपर पर लिखा मिला खौफनाक संदेश, लखनऊ में विमान की इमरजेंसी लैंडिंग
Indigo Flight Bomb Threat News: दिल्ली से दार्जिलिंग के बागडोगरा की ओर उड़ान भर रहे इंडिगो एयरलाइंस के विमान में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब पायलट को जहाज के भीतर बम होने की सूचना मिली। रविवार की खुशनुमा सुबह अचानक एक खौफनाक मंजर में तब्दील हो गई और सुरक्षा प्रोटोकॉल को देखते हुए (Emergency Landing Procedure) के तहत विमान को तुरंत लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतारा गया। एटीसी से हरी झंडी मिलते ही अमौसी एयरपोर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गईं और विमान को मुख्य रनवे से दूर आइसोलेशन बे में पार्क किया गया।

बाथरूम के टिश्यू पेपर पर लिखी थी मौत की धमकी
सुरक्षा एजेंसियों की शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आए, वे काफी चौंकाने वाले थे। विमान के बाथरूम में रखे एक साधारण से टिश्यू पेपर पर हाथ से लिखा था कि ‘प्लेन में बम है’। इस एक लाइन ने 200 से अधिक यात्रियों की जान हलक में डाल दी। पुलिस ने उस (Forensic Evidence Analysis) के तौर पर टिश्यू पेपर को अपने कब्जे में ले लिया है। किसी शरारती तत्व की इस हरकत ने न केवल एयरलाइंस के पसीने छुड़ा दिए, बल्कि लखनऊ पुलिस और सुरक्षा दस्ता भी घंटों तक हलकान रहा।
सात घंटे तक चला सघन तलाशी अभियान
एयरपोर्ट पर विमान के उतरते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ता (BDS), डॉग स्क्वायड और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने जहाज को चारों तरफ से घेर लिया। यात्रियों के बैग और सामान को रनवे पर ही निकालकर बारीकी से चेक किया गया। करीब सात घंटे तक चले इस (Security Clearance Operation) के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने विमान के एक-एक कोने, इंजन और कार्गो होल्ड की तलाशी ली। यात्रियों को विमान से उतारकर सुरक्षित लाउंज में शिफ्ट कर दिया गया था, जहाँ वे बेचैनी और आशंकाओं के बीच अपनी मंजिल पर पहुँचने का इंतजार कर रहे थे।
यात्रियों की बढ़ती बेचैनी और मजबूरी के आंसू
विमान में सवार यात्रियों के लिए यह सात घंटे किसी सजा से कम नहीं थे। किसी को अपने करीबियों की अंत्येष्टि में शामिल होने के लिए बागडोगरा जल्द पहुँचना था, तो किसी की बेहद जरूरी बिजनेस मीटिंग थी। विमान के भीतर शुरुआती पलों में यात्रियों को स्थिति की सही जानकारी नहीं दी गई थी, जिससे (Passenger Trauma Management) एक बड़ी चुनौती बन गया। एक यात्री ने बताया कि उन्हें सिर्फ इतना कहा गया था कि कुछ तकनीकी कारणों से चेकिंग की जा रही है, लेकिन बाहर का माहौल देखकर वे समझ गए थे कि मामला गंभीर है।
बागडोगरा एयरपोर्ट पर भी पसरा रहा सन्नाटा
जहाँ एक तरफ लखनऊ में विमान की जांच चल रही थी, वहीं दूसरी तरफ दार्जिलिंग के बागडोगरा एयरपोर्ट पर यात्रियों के परिजन और दोस्त गहरे सदमे में थे। फ्लाइट के समय पर न पहुँचने और बम की खबर फैलने से वहां मौजूद लोग (Airport Arrival Anxiety) का शिकार हो रहे थे। मोबाइल फोन पर लगातार आ रही खबरों ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी थी। हर कोई बस यही दुआ कर रहा था कि उनके अपने सुरक्षित हों और यह धमकी महज एक कोरी अफवाह ही साबित हो।
जांच में नहीं मिला कुछ भी संदिग्ध
लंबी और थका देने वाली तलाशी के बाद सुरक्षा अधिकारियों ने राहत की सांस ली जब विमान के भीतर कोई भी विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। एसीपी कृष्णानगर रजनीश वर्मा ने आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि (Aviation Safety Protocol) के तहत की गई सघन जांच में विमान पूरी तरह सुरक्षित पाया गया है। शाम लगभग 4:40 बजे, सुरक्षा एजेंसियों से ‘क्लीन चिट’ मिलने के बाद विमान ने वापस बागडोगरा के लिए उड़ान भरी, तब जाकर यात्रियों के चेहरे पर रौनक लौटी।
अज्ञात शरारती तत्वों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
इंडिगो एयरलाइंस ने इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया है। एयरलाइंस के सुरक्षा अधिकारी विपिन की तहरीर पर सरोजनीनगर थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब (Criminal Investigation Process) के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि टिश्यू पेपर पर वह धमकी भरा संदेश किसने लिखा था। विमान में सवार सभी यात्रियों की सूची खंगाली जा रही है और राइटिंग मिलान के जरिए आरोपी तक पहुँचने की कोशिश तेज कर दी गई है।
भारतीय विमानन क्षेत्र में फर्जी धमकियों का सैलाब
यह घटना कोई इकलौती वारदात नहीं है, बल्कि पिछले कुछ महीनों से भारतीय आसमान में बम की फर्जी धमकियों की बाढ़ आई हुई है। अक्टूबर 2024 से जनवरी 2025 के बीच (Fake Bomb Threats) की संख्या में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। अकेले लखनऊ एयरपोर्ट से संबंधित उड़ानों को लगभग 15 से 18 बार निशाना बनाया गया है। इंडिगो, एयर इंडिया एक्सप्रेस और स्टार एयर जैसी एयरलाइंस को लगातार ईमेल और सोशल मीडिया के जरिए डराने की कोशिश की जा रही है, जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए सिरदर्द बन गया है।
नागरिक उड्डयन सुरक्षा के सामने बड़ी चुनौती
हवाई यात्रा के दौरान इस तरह की धमकियां न केवल एयरलाइंस को करोड़ों का आर्थिक नुकसान पहुँचाती हैं, बल्कि सुरक्षा तंत्र पर भी अतिरिक्त दबाव डालती हैं। सरकार और (Civil Aviation Authority) अब ऐसे फर्जी कॉल और संदेश भेजने वालों के खिलाफ सख्त कानून बनाने पर विचार कर रही है। हवाई सफर को सुरक्षित बनाने के लिए अब विमान के भीतर भी निगरानी बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति ऐसी घटिया हरकत कर सैकड़ों जिंदगियों के साथ खिलवाड़ न कर सके।



