उत्तर प्रदेश

MonsoonDelay – मानसून की धीमी रफ्तार से बढ़ी उमस और गर्मी

MonsoonDelay – उत्तर प्रदेश में मानसून का इंतजार अभी थोड़ा और लंबा हो सकता है। मौसम विभाग के ताजा संकेतों के अनुसार राज्य में व्यापक मानसूनी बारिश की शुरुआत फिलहाल टलती दिखाई दे रही है। हालांकि पश्चिमी हिस्सों में अगले दो दिनों के दौरान हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को तपती गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। दूसरी ओर कई क्षेत्रों में गर्म हवाओं और हीटवेव जैसी परिस्थितियों के बने रहने की आशंका भी व्यक्त की गई है।

delayed monsoon increases heat and humidity

पिछले कुछ दिनों में यह उम्मीद जताई जा रही थी कि जून के अंतिम सप्ताह में मानसून सक्रिय हो जाएगा, लेकिन वर्तमान परिस्थितियां कुछ अलग संकेत दे रही हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मध्य भारत में मानसून की गति अपेक्षा से धीमी है, जिसका असर उत्तर प्रदेश तक इसके पहुंचने के समय पर पड़ रहा है।

मानसून की रफ्तार बनी देरी की वजह

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून की प्रगति फिलहाल सामान्य गति से कम है। मध्य प्रदेश क्षेत्र में इसकी चाल धीमी होने के कारण उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ने वाले बादलों का क्रम भी प्रभावित हुआ है। यही कारण है कि जून के अंतिम दिनों में व्यापक बारिश की संभावना कमजोर पड़ गई है।

अब अनुमान लगाया जा रहा है कि राज्य में मानसून का प्रभाव जुलाई के पहले सप्ताह में अधिक स्पष्ट रूप से दिखाई दे सकता है। तब तक लोगों को गर्म और उमस भरे मौसम का सामना करना पड़ सकता है।

हल्की बारिश से मिल सकती है राहत

मंगलवार और बुधवार को प्रदेश के कुछ इलाकों, विशेषकर पश्चिमी क्षेत्रों में हल्की बारिश, फुहारें या बौछारें पड़ने के आसार हैं। मौसम विभाग का मानना है कि इन गतिविधियों से तापमान में मामूली गिरावट दर्ज हो सकती है।

हालांकि यह बारिश व्यापक नहीं होगी और इससे लंबे समय तक राहत मिलने की संभावना कम है। इसके बावजूद लगातार गर्मी झेल रहे लोगों के लिए यह कुछ समय की राहत लेकर आ सकती है।

तापमान बना हुआ है ऊंचे स्तर पर

सोमवार को दिनभर मौसम में गर्मी का असर स्पष्ट दिखाई दिया। सुबह कुछ समय तक हवाएं सामान्य रहीं, लेकिन दोपहर के बाद उनका स्वरूप गर्म हवाओं में बदल गया। इसके चलते तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई।

अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 27.7 डिग्री सेल्सियस रहा। हवा में नमी का स्तर भी काफी अधिक दर्ज किया गया, जिससे उमस और बढ़ गई। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान के साथ बढ़ती आर्द्रता लोगों की परेशानी को और बढ़ा रही है।

तराई क्षेत्रों में भी गर्मी का असर

तराई के जिलों में भी मौसम फिलहाल राहत देने के मूड में नहीं दिख रहा है। सुबह के समय ही तापमान तेजी से बढ़ने लगता है और दिन चढ़ते-चढ़ते गर्मी काफी असहज हो जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई दिनों से गर्म हवाओं और उमस ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया है।

विशेषज्ञों के मुताबिक मौसम में बदलाव के संकेत बीच-बीच में दिखाई देते हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस परिवर्तन देखने को नहीं मिला है। कई बार बादल छाने या वातावरण में धुंधलापन आने से बारिश की उम्मीद जगी, लेकिन मौसम ने करवट नहीं बदली।

महीने के अंत में बदल सकते हैं हालात

मौसम जानकारों का मानना है कि 29 जून के आसपास या उसके बाद कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। हालांकि अभी भी व्यापक बारिश को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं। कृषि और मौसम विशेषज्ञ लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

राजकीय कृषि विज्ञान केंद्र से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में तापमान और मौसम के पैटर्न में परिवर्तन संभव है, लेकिन फिलहाल तेज गर्मी और उमस से राहत की उम्मीद सीमित ही दिखाई देती है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी जा रही है।

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