उत्तर प्रदेश

PoliceRecruitment – सिपाही भर्ती परीक्षा को लेकर सरकार ने बढ़ाई सतर्कता

PoliceRecruitment – उत्तर प्रदेश में होने वाली सिपाही भर्ती परीक्षा को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में परीक्षा की निष्पक्षता, सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए और अफवाह फैलाने या व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

up police recruitment exam alert

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में कानून-व्यवस्था की स्थिति के साथ आगामी भर्ती परीक्षा और विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। राज्य में सिपाही भर्ती परीक्षा 8, 9 और 10 जून को आयोजित की जानी है।

परीक्षा की गोपनीयता और सुरक्षा पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर निगरानी व्यवस्था मजबूत रखी जाए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जाए।

बैठक में बताया गया कि बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए यातायात और सुरक्षा प्रबंधन के लिए विशेष योजना तैयार की जा रही है। प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि परीक्षा के दौरान आम नागरिकों को अनावश्यक असुविधा न हो।

छह जून को होगा पूर्वाभ्यास

मुख्यमंत्री ने परीक्षा से पहले सभी व्यवस्थाओं की जांच के लिए पूर्वाभ्यास कराने का निर्देश दिया है। इसके तहत सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टेटिक मजिस्ट्रेट और परीक्षा केंद्र प्रभारियों की भूमिका की समीक्षा की जाएगी।

सरकार का मानना है कि पहले से तैयारियों का परीक्षण करने से संभावित कमियों की पहचान कर उन्हें समय रहते दूर किया जा सकेगा। अधिकारियों को अपने दायित्वों का पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

जनभागीदारी आधारित कार्यक्रमों की समीक्षा

बैठक में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये आयोजन केवल औपचारिक कार्यक्रम न बनें, बल्कि जनजागरण और जनसहभागिता के माध्यम बनें।

उन्होंने जनसेवा, सुशासन, पर्यावरण संरक्षण, युवा कल्याण और सामाजिक विकास से जुड़े कार्यक्रमों को प्रभावी तरीके से लागू करने पर जोर दिया। अधिकारियों से कहा गया कि कार्यक्रमों में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

पर्यावरण अभियान को मिलेगा विशेष महत्व

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर चलाए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि व्यापक स्तर पर पौधरोपण किया जाए और इसके लिए पर्याप्त तैयारियां पहले से पूरी कर ली जाएं।

उन्होंने कहा कि लगाए गए पौधों की निगरानी और संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। इसके लिए तकनीकी माध्यमों के उपयोग और नियमित निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।

विभिन्न वर्गों से संवाद बढ़ाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को समाज के विभिन्न वर्गों के साथ संवाद स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षकों, चिकित्सकों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, युवा उद्यमियों और अन्य विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श कर विकास से जुड़े सुझाव लिए जाएं।

सरकार का उद्देश्य विकास योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के साथ-साथ उनकी अपेक्षाओं और सुझावों को भी समझना है। अधिकारियों से कहा गया कि इस प्रक्रिया को गंभीरता से लिया जाए।

ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष अभियान

बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी कई निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों में रात्रि चौपाल आयोजित कर स्थानीय समस्याओं का समाधान किया जाए और सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाए।

उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित संपर्क बनाए रखने को कहा, ताकि स्थानीय जरूरतों को समझकर समय पर आवश्यक कदम उठाए जा सकें। सरकार का लक्ष्य प्रशासन और जनता के बीच संवाद को और मजबूत बनाना है।

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.