उत्तर प्रदेश

RamMandir – दान राशि मामले की जांच में पूछताछ के बाद नए दावों की पड़ताल तेज

RamMandir- राम मंदिर से जुड़ी दान राशि में कथित अनियमितता के मामले की जांच के दौरान पुलिस ने हिरासत में लिए गए आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव से विस्तृत पूछताछ की है। अधिकारियों के अनुसार, रिमांड अवधि में आरोपी ने कई लोगों के संबंध में विभिन्न दावे किए हैं। पुलिस का कहना है कि इन बयानों को अंतिम तथ्य नहीं माना गया है और प्रत्येक दावे का स्वतंत्र रूप से सत्यापन किया जा रहा है। जांच एजेंसियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और पूछताछ से प्राप्त जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

ram mandir donation investigation 2

लंबे समय से चल रही गतिविधियों की जांच

जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, अब तक जुटाए गए इनपुट से यह आशंका व्यक्त की जा रही है कि कथित अनियमितताएं एक लंबे समय से जारी हो सकती थीं। पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि दान राशि के बंटवारे की एक तय व्यवस्था थी और वह स्वयं उसमें प्रभावशाली भूमिका निभाता था। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इन दावों की पुष्टि अभी नहीं हुई है और संबंधित साक्ष्यों की जांच जारी है।

गणना प्रक्रिया को लेकर भी सामने आए नए दावे

पूछताछ के दौरान आरोपी ने यह भी दावा किया कि बाद के समय में उसे दान राशि के हिसाब-किताब को लेकर संदेह होने लगा था। इसी कारण उसने अपने भतीजे मनीष यादव को कथित तौर पर गणना कार्य से जोड़ने की व्यवस्था कराई। जांच अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने यह भी कहा कि इसके बाद दान राशि के हिसाब और कथित बंटवारे पर अधिक निगरानी रखी जाने लगी। पुलिस इन बयानों की पुष्टि के लिए संबंधित दस्तावेज, रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।

कथित नेटवर्क की भूमिका की हो रही पड़ताल

जांच एजेंसियों का कहना है कि अब तक की पूछताछ में अलग-अलग भूमिकाओं में कई लोगों के शामिल होने संबंधी दावे सामने आए हैं। आरोप है कि कुछ लोग कथित रूप से दान राशि की निकासी, कुछ निगरानी और कुछ हिसाब-किताब से जुड़े कार्यों में भूमिका निभाते थे। आरोपी ने कुछ अन्य व्यक्तियों और बैंक कर्मचारियों का भी उल्लेख किया है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति की भूमिका को लेकर अभी कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है और सभी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।

पूछताछ के दौरान बदलते रहे बयान

सूत्रों के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया और कथित तौर पर अन्य लोगों की भूमिका पर अधिक जोर दिया। बाद में जब जांच टीम ने उपलब्ध मोबाइल चैट, कॉल डिटेल और अन्य बयानों के आधार पर उससे दोबारा सवाल किए, तो उसने कुछ अतिरिक्त जानकारियां दीं। पुलिस ने रिमांड के दौरान दानपात्रों की प्रक्रिया, आभूषणों के प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी रिकॉर्ड और अन्य संबंधित पहलुओं पर भी उससे पूछताछ की।

प्रमुख नामों को लेकर दावों का होगा सत्यापन

जांच के दौरान आरोपी ने पूर्व महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा, गोपाल राव सहित कुछ अन्य लोगों के संबंध में भी कई दावे किए हैं। पुलिस का कहना है कि इन सभी बयानों की निष्पक्ष तरीके से जांच की जाएगी और उपलब्ध साक्ष्यों से उनका मिलान किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, यदि जांच में किसी नए व्यक्ति की भूमिका प्रमाणित होती है, तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध केवल आरोपी के बयान के आधार पर निष्कर्ष नहीं निकाला गया है।

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