SchoolFees – वाराणसी में निजी स्कूलों की फीस और यूनिफॉर्म नियमों पर सख्ती
SchoolFees – वाराणसी में निजी स्कूलों द्वारा बढ़ती फीस, यूनिफॉर्म और किताबों को लेकर आ रही शिकायतों पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने साफ शब्दों में कहा है कि अभिभावकों पर किसी भी तरह का अनावश्यक आर्थिक दबाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्कूल प्रशासन नियमों के दायरे में रहकर ही काम करे, अन्यथा कार्रवाई तय है।

फीस वृद्धि पर तय की गई सीमा
जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि किसी भी निजी विद्यालय को पांच प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाने की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने कहा कि यदि कोई स्कूल इससे अधिक शुल्क बढ़ाता पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हाल के महीनों में अभिभावकों की ओर से फीस में अचानक बढ़ोतरी को लेकर कई शिकायतें सामने आई थीं, जिन पर प्रशासन ने गंभीरता दिखाई है।
यूनिफॉर्म और किताबों को लेकर सख्त निर्देश
बैठक में यह भी साफ कर दिया गया कि किसी भी छात्र को किसी विशेष दुकान से यूनिफॉर्म, जूते या किताबें खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसी प्रथाएं पूरी तरह गलत हैं और इससे अभिभावकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर कोई स्कूल पांच साल के भीतर यूनिफॉर्म बदलता है, तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
स्कूलों से मांगा गया हलफनामा
प्रशासन ने सभी निजी विद्यालयों से इन नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए हलफनामा जमा करने को कहा है। जिलाधिकारी का कहना है कि इससे जवाबदेही तय होगी और भविष्य में किसी तरह की मनमानी पर रोक लगाई जा सकेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
औचक निरीक्षण और फीडबैक पर जोर
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्कूलों का नियमित औचक निरीक्षण किया जाए। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान अभिभावकों और छात्रों से सीधे बातचीत कर उनकी राय ली जाए। यदि किसी भी स्तर पर शासनादेश के खिलाफ कोई गतिविधि सामने आती है, तो संबंधित संस्थान पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा अधिकारियों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश
जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे केवल निगरानी तक सीमित न रहें, बल्कि जरूरत पड़ने पर खुद पहल करते हुए समस्या का समाधान करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक समेत अन्य अधिकारी और अभिभावक-शिक्षक संघ के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
शिकायतों के लिए कंट्रोल रूम स्थापित
अभिभावकों की सुविधा के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। यहां अभिभावक फीस, यूनिफॉर्म या किताबों से जुड़ी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है, जिस पर संपर्क किया जा सकता है। साथ ही, लिखित शिकायत भी कार्यालय में जमा की जा सकती है।
गोपनीयता के साथ होगी जांच
प्रशासन ने यह भरोसा दिलाया है कि शिकायत करने वाले अभिभावकों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। प्राप्त शिकायतों के आधार पर संबंधित स्कूलों की जांच की जाएगी और यदि कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।