SIRUpdate – उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची सुधार अभियान तेज
SIRUpdate – उत्तर प्रदेश में चल रहे विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। निर्वाचन विभाग के मुताबिक, अब तक जारी किए गए नोटिसों में से आधे से अधिक का निस्तारण किया जा चुका है। रविवार को राज्यभर के सभी बूथों पर विशेष अभियान चलाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में मतदाताओं ने अपनी आपत्तियों और दावों पर सुनवाई कराई।

चौथा विशेष अभियान दिवस आयोजित
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर एसआईआर-2026 के अंतर्गत प्रदेश के लगभग 1.77 लाख मतदान केंद्रों पर चौथा विशेष अभियान दिवस आयोजित किया गया। इससे पहले जनवरी माह में तीन चरणों में इसी तरह की कवायद की जा चुकी है।
इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची में मौजूद त्रुटियों को दूर करना, पात्र नागरिकों के नाम जोड़ना और अनावश्यक प्रविष्टियों को हटाना है। विभाग का कहना है कि प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से पूरा करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि आगामी चुनावों से पहले सूची पूरी तरह अद्यतन हो सके।
1.66 करोड़ से अधिक नोटिसों का निस्तारण
निर्वाचन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, नो मैपिंग और अन्य तार्किक विसंगतियों से जुड़े करीब 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे। इनमें से 1.66 करोड़ से अधिक मामलों की सुनवाई पूरी कर ली गई है। इस प्रकार, कुल प्रगति 50 प्रतिशत के पार पहुंच चुकी है।
अधिकारियों का कहना है कि बड़ी संख्या में मतदाताओं ने बूथ स्तर पर पहुंचकर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए और अपने नामों के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कराई। कई स्थानों पर लंबी कतारें भी देखने को मिलीं, जिससे यह संकेत मिलता है कि लोग मतदाता सूची में अपने नाम को लेकर सजग हैं।
इन जिलों में तेज रही प्रगति
प्रदेश के 11 जिलों—औरैया, एटा, अम्बेडकरनगर, शामली, फिरोजाबाद, बदायूं, आजमगढ़, बस्ती, चित्रकूट, सहारनपुर और मथुरा—में 70 प्रतिशत से अधिक नोटिसों की सुनवाई पूरी हो चुकी है। निर्वाचन अधिकारी ने इन जिलों में तैनात बीएलओ और अन्य कर्मचारियों की सराहना की है।
इन क्षेत्रों में प्रशासन ने घर-घर संपर्क, स्थानीय सूचना और बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाकर अभियान को गति दी। अधिकारियों का मानना है कि शेष जिलों में भी आने वाले दिनों में प्रगति दर में तेजी आएगी।
6 मार्च तक दर्ज करा सकते हैं दावा-आपत्ति
निर्वाचन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे 6 मार्च तक अपने नाम से संबंधित दावा या आपत्ति अवश्य दर्ज कराएं। नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन के लिए ऑनलाइन सुविधा भी उपलब्ध है।
मतदाता ECINET मोबाइल ऐप या आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, बूथ स्तर पर तैनात अधिकारियों की मदद से प्रपत्र-6 और प्रपत्र-8 भरकर भी प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
बूथों पर विशेष व्यवस्था
रविवार को आयोजित विशेष अभियान के दौरान प्रत्येक मतदान केंद्र पर हेल्प डेस्क बनाई गई थी। बूथ लेवल अधिकारी तय समय पर उपस्थित रहे और मतदाताओं की शंकाओं का समाधान किया।
मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट भी कई स्थानों पर मौजूद रहे और प्रक्रिया में सहयोग दिया। जिला निर्वाचन अधिकारी और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी ने विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
निर्वाचन विभाग का कहना है कि मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने की यह प्रक्रिया लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए आवश्यक है। आने वाले दिनों में भी विशेष प्रयास जारी रहेंगे, ताकि कोई पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रह जाए।



