SmartMeter – लखनऊ में प्रीपेड मीटर को लेकर बढ़ा विरोध, कई जगह हंगामा
SmartMeter – लखनऊ में स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर को लेकर असंतोष अब खुलकर सामने आ गया है। बुधवार को शहर के कई इलाकों में लोगों ने इन मीटरों के खिलाफ प्रदर्शन किया। कहीं स्थानीय नागरिकों ने बिजली विभाग की टीमों का विरोध किया, तो कहीं राजनीतिक दलों ने भी इस मुद्दे को लेकर आवाज उठाई। इस बीच पावर कॉरपोरेशन ने बताया कि बैलेंस खत्म होने के कारण 8380 उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति काटी गई है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।

उपभोक्ताओं ने खर्च बढ़ने की जताई चिंता
लोगों का कहना है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगने के बाद बिजली खर्च पहले की तुलना में ज्यादा दिख रहा है। जहां पहले महीने में एक बार बिल भरना होता था, वहीं अब प्रीपेड व्यवस्था के कारण बार-बार रिचार्ज करना पड़ रहा है। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि उन्हें महीने में चार से पांच बार तक रिचार्ज करना पड़ रहा है, जिससे घरेलू बजट पर असर पड़ रहा है। इसके अलावा बिना पूर्व सूचना के अचानक बिजली कट जाना भी लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गया है।
शहर के अलग-अलग इलाकों में विरोध प्रदर्शन
दिनभर लखनऊ के विभिन्न हिस्सों में विरोध की घटनाएं सामने आईं। गोखले मार्ग स्थित मध्यांचल विद्युत वितरण निगम मुख्यालय के बाहर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। चिनहट के लौलाई उपकेंद्र, ठाकुरगंज, वजीरबाग, रेजीडेंसी और इंदिरानगर जैसे इलाकों में भी लोगों ने अपनी नाराजगी जाहिर की। कई स्थानों पर भीड़ ने मीटर लगाने पहुंची टीमों को वापस लौटने पर मजबूर कर दिया।
उपकेंद्रों पर बढ़ा तनाव, समाधान नहीं मिलने से नाराजगी
चिनहट के लौलाई उपकेंद्र पर पिछले कुछ दिनों से लगातार विरोध देखा जा रहा है। बुधवार को यहां आयोजित बिजली शिविर में लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे थे। लेकिन जब अधिकारियों की ओर से स्मार्ट मीटर हटाने को लेकर कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं मिला, तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसी तरह इटौंजा क्षेत्र के कुम्हरावां उपकेंद्र में तकनीकी खराबी के कारण कई घंटे तक बिजली बाधित रही, जिससे लोगों की नाराजगी और बढ़ गई।
मीटर लगाने गई टीमों को लौटना पड़ा
ठाकुरगंज और वजीरबाग क्षेत्रों में विरोध अधिक तीखा देखने को मिला। यहां जब बिजली विभाग की टीम स्मार्ट मीटर लगाने पहुंची, तो स्थानीय लोगों ने उन्हें घेर लिया। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन तेज हो गया और कई जगहों पर बहस की स्थिति बन गई। हालात को देखते हुए टीमों को काम अधूरा छोड़कर वापस लौटना पड़ा। महिलाओं ने भी इस विरोध में सक्रिय भूमिका निभाई और कई स्थानों पर मोर्चा संभाला।
राजनीतिक प्रतिक्रिया भी आई सामने
इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों ने भी प्रतिक्रिया दी है। समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और सरकार तथा बिजली प्रबंधन पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि स्मार्ट मीटर की रीडिंग सामान्य से अधिक तेजी से बढ़ रही है, जिससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं और सुरक्षा कर्मियों के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई।
महिलाओं का विरोध और पुलिस की हस्तक्षेप
शाम के समय रेजीडेंसी और इंदिरानगर क्षेत्र में महिलाओं ने उपकेंद्रों के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति बिगड़ने पर कर्मचारियों ने एहतियात के तौर पर गेट बंद कर दिए। करीब एक घंटे तक चले इस प्रदर्शन के कारण आसपास यातायात भी प्रभावित हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
आगे क्या होगा, इस पर नजर
स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर बढ़ता असंतोष अब प्रशासन के लिए चुनौती बनता जा रहा है। उपभोक्ताओं की शिकायतों और विरोध को देखते हुए आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर कोई ठोस निर्णय लिया जाता है या नहीं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है। फिलहाल बिजली विभाग और प्रशासन दोनों ही स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।



