TempleSecurity – बांकेबिहारी मंदिर में दानपात्र चोरी के आरोप से फिर उठा विवाद
TempleSecurity – उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में स्थित वृंदावन का विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर एक बार फिर विवादों के कारण चर्चा में आ गया है। मंदिर प्रशासन से जुड़े एक सेवायत ने परिसर में तैनात निजी सुरक्षा गार्ड पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला मंदिर के दानपात्र से कथित रूप से भेंट राशि निकालने और विरोध करने पर अभद्र व्यवहार से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसके बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है।

सेवायत ने लगाए गंभीर आरोप
मंदिर के सेवायत अनन्य गोस्वामी का कहना है कि उन्होंने स्वयं एक निजी सुरक्षा गार्ड को मंदिर की गुल्लक से पैसे निकालते हुए देखा। आरोप है कि गार्ड को रंगेहाथों पकड़े जाने के बाद जब इस पर आपत्ति जताई गई, तो उसने न सिर्फ बहस शुरू कर दी बल्कि शारीरिक रूप से धक्का-मुक्की भी की। गोस्वामी के अनुसार यह पूरा घटनाक्रम मंदिर परिसर के भीतर हुआ, जहां आम श्रद्धालुओं की आवाजाही भी बनी रहती है।
विरोध करने पर अभद्रता का दावा
सेवायत का आरोप है कि विरोध के दौरान सुरक्षा गार्ड का व्यवहार बेहद आपत्तिजनक हो गया। उन्होंने बताया कि गार्ड ने न केवल हाथापाई की, बल्कि उनका कुर्ता भी फाड़ दिया। इसके साथ ही कथित रूप से गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई। इस घटना से मंदिर परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई थी।
अन्य सुरक्षाकर्मियों से भी हुआ विवाद
घटना की जानकारी मिलते ही मंदिर में तैनात अन्य सुरक्षा कर्मियों को बुलाया गया। आरोप है कि इस दौरान भी संबंधित गार्ड ने हंगामा किया और सहयोग करने के बजाय उनसे भी उलझ गया। स्थिति को देखते हुए मामला तत्काल उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया गया, ताकि किसी बड़े विवाद की आशंका को रोका जा सके।
पुलिस चौकी पर नहीं मिला कोई जिम्मेदार
अनन्य गोस्वामी ने बताया कि घटना के बाद वे शिकायत दर्ज कराने के लिए बांकेबिहारी मंदिर स्थित पुलिस चौकी पहुंचे, लेकिन वहां कोई भी जिम्मेदार पुलिसकर्मी या अधिकारी मौजूद नहीं मिला। उनका कहना है कि इस कारण तत्काल कार्रवाई नहीं हो सकी, जिससे उन्हें काफी निराशा हुई। बाद में उन्होंने जिला प्रशासन को पूरे मामले की जानकारी दी।
सीसीटीवी जांच की मांग
सेवायत ने प्रशासन से मांग की है कि मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उनका कहना है कि कैमरों में पूरी घटना कैद होने की संभावना है, जिससे सच्चाई स्पष्ट रूप से सामने आ सकती है। उन्होंने दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
प्रशासन ने शुरू की जांच प्रक्रिया
मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, लगाए गए आरोपों के आधार पर सीसीटीवी फुटेज की जांच की जाएगी और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जाएंगे। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना के बाद मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। हजारों श्रद्धालु प्रतिदिन बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर परिसर में तैनात सुरक्षाकर्मियों की भूमिका और जवाबदेही को लेकर चर्चा तेज हो गई है। प्रशासन का कहना है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे के कदम तय किए जाएंगे।
फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है और सभी पक्षों की बातों को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है।



