WeatherUpdate – दक्षिण-पश्चिमी हवाओं से यूपी में बढ़ी भीषण गर्मी
WeatherUpdate – उत्तर प्रदेश में इन दिनों तेज गर्मी ने लोगों की दिनचर्या पर सीधा असर डालना शुरू कर दिया है। राजस्थान की ओर से आ रही दक्षिण-पश्चिमी गर्म हवाओं ने राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों में तापमान को तेजी से बढ़ा दिया है। सोमवार को लखनऊ में अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 3 डिग्री अधिक रहा। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले तीन से चार दिनों तक इस तपिश से राहत मिलने की संभावना कम है।

तेज धूप और गर्म हवाओं ने बढ़ाई परेशानी
सुबह से ही आसमान साफ रहा और सूरज की तेज किरणों ने दोपहर तक हालात और कठिन बना दिए। हालांकि हवा चल रही थी, लेकिन उसमें ठंडक के बजाय गर्माहट अधिक थी। इसका असर सड़कों पर भी साफ नजर आया, जहां दोपहिया वाहनों की आवाजाही कम हो गई। कई लोग पेड़ों की छांव या पुलों के नीचे रुककर गर्मी से राहत पाने की कोशिश करते दिखे। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार निचले वायुमंडल में गर्म हवा का प्रवाह बना हुआ है, जिसे महाराष्ट्र के आसपास बने उच्च दबाव क्षेत्र से बल मिल रहा है।
अगले कुछ दिन तापमान 40 डिग्री के पार रहने के संकेत
मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना रहेगा। बीते 24 घंटों में लखनऊ का न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक, करीब 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह स्थिति संकेत देती है कि रात के समय भी गर्मी से ज्यादा राहत नहीं मिल रही है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है।
प्रयागराज और वाराणसी में लू का असर तेज
सोमवार को प्रयागराज, वाराणसी और बहराइच जैसे जिलों में लू के हालात दर्ज किए गए। प्रयागराज में तापमान 44.4 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि वाराणसी में 44 डिग्री और बहराइच में 42.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बाराबंकी, सुलतानपुर और शाहजहांपुर भी इस स्थिति के करीब रहे। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों के लिए चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि कुछ क्षेत्रों में लू चलने के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गर्म रातें भी दर्ज की जा सकती हैं।
बिजली की मांग में तेज उछाल
लगातार बढ़ती गर्मी का असर बिजली खपत पर भी दिखाई दे रहा है। कूलर, पंखे और एयर कंडीशनर के उपयोग में वृद्धि के चलते बिजली की मांग तेजी से बढ़ी है। ऊर्जा विभाग के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है, क्योंकि मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा। अगर तापमान इसी तरह बढ़ता रहा, तो आने वाले दिनों में बिजली व्यवस्था पर और दबाव बढ़ सकता है।
बदलते मौसम से स्वास्थ्य पर असर
अचानक बढ़ती गर्मी और मौसम में उतार-चढ़ाव का असर लोगों की सेहत पर भी पड़ रहा है। डॉक्टरों के अनुसार इस समय वायरल बुखार के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। कई मरीजों में दवा लेने के बावजूद बुखार लंबे समय तक बना रह रहा है। इसके अलावा गेहूं की कटाई के दौरान बढ़े धूल और प्रदूषण के कारण सांस संबंधी समस्याएं भी सामने आ रही हैं।
विशेषज्ञों ने दी सावधानी बरतने की सलाह
मेरठ में चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में मच्छर जनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। डेंगू, मलेरिया, टायफाइड और गले के संक्रमण जैसे मामलों में इजाफा हो रहा है। खासकर जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है, उन्हें अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। डॉक्टरों ने पर्याप्त पानी पीने, धूप से बचने और साफ-सफाई का ध्यान रखने की सलाह दी है ताकि बीमारियों से बचा जा सके।