Yogi Cabinet: उत्तर प्रदेश के लाखों शिक्षकों और शिक्षामित्रों को मिलेगा बड़ा तोहफा, योगी कैबिनेट में होगा अहम फैसला
Yogi Cabinet: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार प्रदेश के शिक्षा जगत से जुड़े लाखों कर्मचारियों को एक बड़ी राहत देने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गुरुवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दी जा सकती है। यह निर्णय आगामी शिक्षक और स्नातक कोटे की 11 विधान परिषद सीटों के चुनाव से पहले काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लोक भवन में सुबह 11 बजे आयोजित होने वाली इस बैठक में शिक्षा विभाग के अलावा विकास, परिवहन और उद्योग से जुड़े लगभग 29 अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी विचार किया जाएगा।

पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा
कैबिनेट के समक्ष रखे जाने वाले इस प्रस्ताव के अनुसार, माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग के तहत आने वाले शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, वार्डन और रसोइयों को पांच लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान की जाएगी। इस योजना का लाभ न केवल सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों को मिलेगा, बल्कि स्ववित्त पोषित स्कूलों के शिक्षकों को भी इसके दायरे में लाने का प्रस्ताव है। इस पहल से प्रदेश के पांच लाख से अधिक शिक्षाकर्मी और उनके आश्रित परिवार के सदस्य लाभान्वित होंगे, जो एक लंबे समय से स्वास्थ्य सुरक्षा की मांग कर रहे थे।
जेवर एयरपोर्ट का विस्तार और नए भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव
बैठक के एजेंडे में जेवर एयरपोर्ट के विस्तार से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी शामिल है। एयरपोर्ट के स्टेज-2 के विभिन्न चरणों के लिए अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण की योजना को कैबिनेट की स्वीकृति मिल सकती है। इसके साथ ही औद्योगिक विकास विभाग द्वारा नोएडा में मेट्रोपॉलिटन कॉर्पोरेशन के गठन और पूर्वी पाकिस्तान व बांग्लादेश से विस्थापित हिंदू बंगाली परिवारों के पुनर्वास संबंधी प्रस्तावों पर भी चर्चा होगी। यह कदम क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास और सामाजिक स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए उठाया जा रहा है।
ईंट-भट्ठों को राहत और पीएम मित्रा टेक्सटाइल पार्क पर चर्चा
पर्यावरण और उद्योग क्षेत्र के लिए भी इस बैठक में बड़े फैसले होने की उम्मीद है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति न मिलने के कारण बंद पड़े प्रदेश के लगभग पांच हजार ईंट-भट्ठों को नियमों में ढील देकर दोबारा शुरू करने का प्रस्ताव लाया जाएगा। साथ ही, लखनऊ और हरदोई के बीच प्रस्तावित पीएम मित्रा टेक्सटाइल पार्क में जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए करीब 458 करोड़ रुपये के आवंटन को मंजूरी मिल सकती है। इसके अलावा आईटी विनिर्माण नीति की समय सीमा को भी दो साल के लिए बढ़ाने का विचार है, जिससे प्रदेश में तकनीकी निवेश को निरंतरता मिलेगी।
परिवहन विभाग में भर्तियां और नई सड़क सुरक्षा नियुक्तियां
परिवहन विभाग ने मोटर वाहन इंस्पेक्टर के 351 रिक्त पदों पर नियुक्ति का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी 75 जिलों में एआरटीओ सड़क सुरक्षा के नए पद सृजित करने के लिए नियमावली बनाने पर भी कैबिनेट अपनी मुहर लगा सकती है। पहले चरण में 36 जिलों में इन अधिकारियों की तैनाती की योजना है। अन्य प्रस्तावों में नगर विकास विभाग की विज्ञापन नीति में संशोधन और बहराइच के आपदा प्रभावित परिवारों का पुनर्वास शामिल है। कैबिनेट के ये फैसले प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार और आम जनता के लिए बेहतर प्रशासनिक सुविधाएं सुनिश्चित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकते हैं।



