Budget – विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार का आखिरी बजट, विकास पर रहेगा खास जोर
Budget – आगामी विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार अपने मौजूदा कार्यकाल का अंतिम आम बजट 11 फरवरी को पेश करने जा रही है। लगभग नौ लाख करोड़ रुपये के इस बजट को सरकार के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। संकेत हैं कि इस बार बजट में बुनियादी ढांचे, क्षेत्रीय संतुलन और सामाजिक कल्याण से जुड़े प्रस्तावों को प्रमुखता दी जाएगी, ताकि विकास और जनकल्याण दोनों को साधा जा सके।

पूर्वांचल और बुंदेलखंड पर विशेष फोकस
सरकार का ध्यान इस बार आर्थिक रूप से पिछड़े माने जाने वाले पूर्वांचल और बुंदेलखंड क्षेत्रों पर अधिक रहने की संभावना है। इन दोनों क्षेत्रों के लिए विकास निधि में लगभग 1900 करोड़ रुपये तक के अतिरिक्त प्रावधान किए जा सकते हैं। सरकार का उद्देश्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत कर इन इलाकों को आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बनाना है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ सकें।
बुंदेलखंड में औद्योगिक विकास की तैयारी
बुंदेलखंड को औद्योगिक नक्शे पर स्थापित करने के लिए सरकार बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण को तेज़ी से विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। करीब 56,662 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित इस परियोजना के लिए अभी 23 हजार एकड़ से अधिक भूमि का अधिग्रहण किया जाना बाकी है। भूमि अधिग्रहण और बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए भारी निवेश की जरूरत होगी, जिसे अंतिम बजट में गति मिलने की उम्मीद है।
कनेक्टिविटी को मजबूत करने की योजना
पूर्वांचल और आसपास के क्षेत्रों में बेहतर आवागमन के लिए बजट में सड़क और एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जा सकती है। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को जोड़ने की योजना के साथ-साथ चित्रकूट लिंक एक्सप्रेस-वे, गंगा और जेवर को जोड़ने वाले मार्ग तथा आगरा एक्सप्रेस-वे से फर्रुखाबाद तक कनेक्टिविटी के लिए भी वित्तीय प्रावधान संभावित हैं।
महिलाओं के लिए बढ़ सकता है बजट
सरकार के इस बजट में महिलाओं से जुड़ी योजनाओं को विस्तार दिए जाने की संभावना है। सामाजिक पेंशन योजनाओं के साथ-साथ आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी पर विचार किया जा रहा है। निराश्रित महिला पेंशन और वृद्धावस्था पेंशन की राशि बढ़ाने के संकेत भी मिल रहे हैं। इसके अलावा स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं के लिए अतिरिक्त आर्थिक सहायता का प्रावधान किया जा सकता है।
अनुदेशकों और शिक्षामित्रों के लिए राहत
अनुदेशकों के मानदेय और एरियर भुगतान को लेकर भी बजट में प्रावधान संभव हैं। सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के अनुसार अनुदेशकों का मानदेय 17 हजार रुपये करने और एरियर देने की बात कही गई है। प्रदेश में करीब 25 हजार अनुदेशक हैं, जिनके एरियर पर बड़ी राशि खर्च होने का अनुमान है। इसके साथ ही शिक्षामित्रों और विभिन्न श्रेणियों के शिक्षकों के मानदेय और बीमा योजनाओं पर भी सरकार विचार कर सकती है।
अर्थव्यवस्था को गति देने पर जोर
प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए इस बजट में निवेश और उद्योग को बढ़ावा देने की योजना शामिल हो सकती है। अनुमान है कि करीब ढाई लाख करोड़ रुपये बुनियादी ढांचे पर खर्च किए जाएंगे। सेमीकंडक्टर समेत अन्य उद्योगों को आकर्षित करने के लिए प्रोत्साहन योजनाओं का दायरा बढ़ाया जा सकता है। ऊर्जा क्षेत्र में सुधार, नई इकाइयों की स्थापना और बिजली ढांचे के सुदृढ़ीकरण पर भी फोकस रहेगा।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा समर्थन
धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के क्षेत्र में सरकार वृंदावन और विंध्य कॉरिडोर के लिए बजट प्रावधान करेगी। इसके साथ ही अन्य धार्मिक स्थलों के विकास की योजना पर भी काम किया जा रहा है। अयोध्या और काशी के बाद मथुरा और विंध्य क्षेत्र सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। मंदिरों के रखरखाव और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के लिए संस्कृति और पर्यटन विभाग ने अतिरिक्त धनराशि की मांग की है।
सामूहिक विवाह योजना में बढ़ोतरी संभव
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की सहायता राशि बढ़ाई जा सकती है। वर्ष 2017 में शुरू हुई इस योजना के तहत जरूरतमंद परिवारों की बेटियों का सामूहिक विवाह कराया जाता है। हाल के वर्षों में सोने-चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण मौजूदा राशि अपर्याप्त मानी जा रही है।
संकल्प पत्र के अधूरे वादों पर नजर
चुनावी वर्ष से पहले आने वाले इस बजट में सरकार भाजपा के संकल्प पत्र में किए गए वादों को पूरा करने पर भी ध्यान केंद्रित कर सकती है। जिन घोषणाओं पर अब तक काम बाकी है, उन्हें बजट के माध्यम से आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।



