उत्तराखण्ड

Ankita Bhandari Case: अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच पर कांग्रेस का रुख सख्त, सरकार पर लगाया बाधा डालने का आरोप

Ankita Bhandari Case: उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रदेश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस ने इस मामले की जांच को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार की नीयत पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि राज्य सरकार इस संवेदनशील प्रकरण में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआई जांच की सिफारिश के बावजूद प्रक्रिया को भटकाने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का दावा है कि सरकार उन तथ्यों को सामने आने से रोकना चाहती है, जिनसे इस अपराध में शामिल रसूखदार व्यक्तियों या वीआईपी की पहचान उजागर हो सकती है।

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नार्को टेस्ट और वीआईपी की संलिप्तता पर सवाल

कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि अंकिता के माता-पिता लंबे समय से न्याय की गुहार लगा रहे हैं। उनकी मुख्य मांग है कि दोषियों को फांसी की सजा मिले और उस वीआईपी के नाम का खुलासा हो, जिसका जिक्र घटना के शुरुआती दिनों में आया था। गोदियाल ने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि अंकिता भंडारी केस संभवतः ऐसा पहला मामला है जहां आरोपी स्वयं नार्को टेस्ट के लिए तैयार है, लेकिन सरकार न्यायालय में इसका विरोध कर रही है। कांग्रेस के अनुसार, सरकार का यह रुख संदेह पैदा करता है कि कहीं किसी रसूखदार को बचाने की कोशिश तो नहीं की जा रही है।

सीबीआई जांच के प्रार्थनापत्र और एफआईआर में विसंगति

गणेश गोदियाल ने मुख्यमंत्री धामी के उस पुराने वादे को भी याद दिलाया जिसमें सीबीआई जांच की घोषणा की गई थी। उन्होंने कहा कि यह जांच अंकिता के पिता द्वारा दिए गए प्रार्थनापत्र को आधार बनाकर होनी चाहिए थी। आरोप है कि सीबीआई जांच की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से एक अलग प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कराई गई, जिससे मूल तथ्यों और परिवार की मांगों को नजरअंदाज कर दिया गया। अंकिता का परिवार वर्तमान में किसी मौजूदा न्यायाधीश की निगरानी में निष्पक्ष सीबीआई जांच की मांग पर अड़ा हुआ है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के गठन पर हाईकमान का फैसला

अंकिता भंडारी केस के साथ-साथ उत्तराखंड कांग्रेस के भीतर संगठनात्मक बदलावों पर भी हलचल तेज है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के पुनर्गठन की सूची अब पार्टी हाईकमान के पास सुरक्षित है। गणेश गोदियाल ने हाल ही में दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और केसी वेणुगोपाल के साथ लंबी चर्चा की है। सूत्रों के अनुसार, हाईकमान ने पीसीसी से अगले 90 दिनों का विस्तृत कार्ययोजना चार्ट मांगा है। कार्यकारिणी के आधिकारिक नामों की घोषणा जल्द ही दिल्ली से होने की संभावना है, जिसके बाद उत्तराखंड में संगठन को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

आगामी बैठक और रणनीतिक तैयारी

दिल्ली से लौटने के बाद गणेश गोदियाल ने संकेत दिए हैं कि संगठन के होमवर्क को पूरा कर लिया गया है। इस सिलसिले में गुरुवार को देहरादून में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है, जिसमें नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, प्रीतम सिंह और हरक सिंह रावत जैसे दिग्गज नेता शामिल होंगे। इस बैठक में न केवल अंकिता भंडारी केस में न्याय के लिए आंदोलन तेज करने पर चर्चा होगी, बल्कि आगामी निकाय और अन्य चुनावों के लिए भी रणनीति तैयार की जाएगी। कांग्रेस इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाकर सरकार की घेराबंदी करने की पूरी तैयारी में है।

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