ChardhamYatra – श्रद्धालुओं के लिए बिना रोक टोक दर्शन की तैयारी तेज
ChardhamYatra – उत्तराखंड सरकार ने आगामी चार धाम यात्रा को लेकर अपनी तैयारी और प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दी हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि यात्रा के दौरान आने वाले सभी श्रद्धालुओं को बिना किसी सीमा के दर्शन कराए जाएंगे। उन्होंने यह भी साफ किया कि इस बार यात्रा में किसी तरह की कैपिंग लागू नहीं होगी। सरकार का उद्देश्य है कि हर श्रद्धालु सुरक्षित और सहज तरीके से अपनी धार्मिक यात्रा पूरी कर सके।

व्यवस्थाओं को लेकर सरकार ने दिए स्पष्ट निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यात्रा के दौरान किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो। सड़क, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, ठहरने की व्यवस्था और परिवहन जैसे सभी जरूरी पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार ने यह भी सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि दर्शन की प्रक्रिया सरल और व्यवस्थित रहे, ताकि भीड़ प्रबंधन में कोई समस्या न आए।
धामी ने बताया कि 2025 की यात्रा समाप्त होते ही 2026 के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई थीं, ताकि समय रहते सभी इंतजाम मजबूत किए जा सकें।
पिछले अनुभवों से सीखकर बेहतर तैयारी
पिछले वर्ष प्राकृतिक आपदाओं और अन्य कारणों से चार धाम यात्रा करीब डेढ़ महीने तक प्रभावित रही थी। इसके बावजूद 51 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे, जो अपने आप में एक बड़ी संख्या है। इस बार भी यात्रा को लेकर उत्साह बना हुआ है और अब तक करीब 10 लाख पंजीकरण हो चुके हैं।
सरकार का मानना है कि चार धाम यात्रा केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण अवसर है। इसलिए हर स्तर पर तैयारी को मजबूत किया जा रहा है।
जीएमवीएन में बढ़ी एडवांस बुकिंग
यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं की दिलचस्पी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जीएमवीएन में अब तक करीब पांच करोड़ रुपये की अग्रिम बुकिंग हो चुकी है। आने वाले दिनों में इसमें और बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।
सरकार का कहना है कि यात्रियों को समय-समय पर जरूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री स्वयं भी यात्रा शुरू होने से पहले तैयारियों की समीक्षा करेंगे और जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे।
मौन पालन और मधुमक्खी पालन को बढ़ावा
इस बीच मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में मौन पालन को बढ़ावा देने की बात भी कही है। देहरादून स्थित मुख्यमंत्री आवास में उद्यान विभाग द्वारा लगाए गए बक्सों से करीब 60 किलोग्राम शहद निकाला गया है। वहीं राजभवन में भी 15 बक्सों से 41 किलोग्राम शहद प्राप्त हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में मधुमक्खी पालन की अपार संभावनाएं हैं, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकते हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
सरकार की प्राथमिकता में जनहित सर्वोपरि
मुख्यमंत्री धामी ने यह भी कहा कि राज्य सरकार का हर कदम जनता के हित को ध्यान में रखकर उठाया जा रहा है। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान लिए गए निर्णयों का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तराखंड ने कई अहम पहलें की हैं, जिनमें समान नागरिक संहिता लागू करना भी शामिल है।
सरकार का फोकस अब भी विकास और जनकल्याण पर है, साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों का संचालन सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से हो।



