ChardhamYatra – उत्तराखंड में मौसम अलर्ट, यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह
ChardhamYatra – उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। राजधानी देहरादून समेत कई जिलों में मंगलवार सुबह से तेज बारिश का दौर शुरू हो गया, जिससे लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए राज्य के पर्वतीय इलाकों में खराब मौसम की चेतावनी जारी की है। विशेष रूप से चारधाम यात्रा मार्गों पर यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के अनुसार 12 और 13 मई को केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री से जुड़े क्षेत्रों में भारी बारिश, तेज हवाएं और ओलावृष्टि की संभावना है। कुछ इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने और भूस्खलन जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं। इसे देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
यात्रा मार्गों पर बढ़ा दबाव
चारधाम यात्रा में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 19 अप्रैल से 10 मई के बीच करीब साढ़े दस लाख श्रद्धालु चारधाम पहुंच चुके हैं। यात्रियों की बढ़ती संख्या के कारण मार्गों, पार्किंग स्थलों और पड़ावों पर दबाव भी बढ़ता जा रहा है।
प्रशासन ने यात्रियों से धैर्य बनाए रखने और यात्रा के दौरान मौसम संबंधी निर्देशों का पालन करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि भारी भीड़ और खराब मौसम की स्थिति में यात्रा मार्गों पर सतर्कता बेहद जरूरी है।
पहाड़ी जिलों में तेज हवाओं और ओलावृष्टि की आशंका
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में मौसम ज्यादा सक्रिय रह सकता है। इन क्षेत्रों में तेज अंधड़, बिजली चमकने और ओले गिरने की संभावना जताई गई है। पर्वतीय मार्गों पर अचानक मौसम बदलने से यात्रा प्रभावित हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश की वजह से कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में चट्टान गिरने और सड़क अवरुद्ध होने की आशंका बनी हुई है। प्रशासन ने स्थानीय अधिकारियों को अलर्ट पर रखा है और आपदा प्रबंधन टीमों को भी तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन और पुलिस अलर्ट मोड में
खराब मौसम को देखते हुए राज्य सरकार ने चारधाम यात्रा की निगरानी बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यात्रा मार्गों पर सुरक्षा, ट्रैफिक और आपदा प्रबंधन से जुड़े इंतजामों की समीक्षा की है। वहीं पुलिस मुख्यालय की ओर से भी वरिष्ठ अधिकारियों को यात्रा की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
हेलीकॉप्टर सेवाओं पर भी मौसम का असर पड़ सकता है। प्रशासन का कहना है कि खराब मौसम के दौरान उड़ानों को लेकर रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है। जरूरत पड़ने पर उड़ानों में बदलाव या अस्थायी रोक भी लगाई जा सकती है।
यात्रियों के लिए जारी की गई एडवाइजरी
प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें। पहाड़ी रास्तों पर सुबह बहुत जल्दी और देर शाम यात्रा करने से बचने को कहा गया है। अधिकारियों के अनुसार बारिश और भूस्खलन की आशंका के कारण यात्रा मार्गों पर अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।
इधर देहरादून और आसपास के इलाकों में बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार राजधानी में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब चार डिग्री नीचे पहुंच गया। कई अन्य पर्वतीय इलाकों में भी तापमान में कमी आई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है।