उत्तराखण्ड

Crime – देहरादून पलटन मार्केट में युवती की निर्मम हत्या से बाजारों में हड़कंप

Crime – देहरादून के पलटन मार्केट में 2 फरवरी की सुबह अचानक से हड़कंप मच गया, जब 23 वर्षीय गुंजन उर्फ गुन्‍नू की चीख ने पूरे बाजार को झकझोर दिया। मच्छी बाजार में चल रहे सामान्य कारोबारी दिन के बीच यह घटना इतनी भयानक थी कि आसपास के व्यापारियों ने खुद ही अपनी दुकानें बंद कर दीं और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। धीरे-धीरे आसपास के धामावाला, मोती बाजार और डिस्पेंसरी रोड तक के सभी बाजार बंद कर दिए गए। कुछ स्थानों पर दुकानों को बंद कराने के दौरान व्यापारियों और राहगीरों के बीच छोटे-मोटे विवाद भी देखने को मिले। घटना के बाद पुलिस ने पूरे बाजार क्षेत्र में सुरक्षा बल तैनात कर दिया।

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घटना का विवरण और आरोपी की जानकारी

जानकारी के अनुसार, आरोपी आकाश स्थानीय निवासी है और मच्छी बाजार में कपड़े की दुकान में काम करता था। इसलिए वह इलाके के हर नुक्कड़ और रास्ते से पूरी तरह परिचित था। घटना के दिन सुबह लगभग साढ़े दस बजे आकाश ने गुंजन को रास्ते में रोक लिया। जैसे ही वह कोई प्रतिक्रिया देने की कोशिश कर रही थी, आरोपी ने चापड़ से उस पर हमला कर दिया। गुंजन ने वार से अपने हाथ बचाने की कोशिश की, जिससे उसकी उंगलियां कट गईं। इसके बाद चापड़ सीधे गले पर वार किया गया और वह लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ी। हमले के तुरंत बाद आरोपी स्कूटर लेकर फरार हो गया। हाथ में हथियार होने की वजह से आसपास मौजूद लोग उसे रोक नहीं सके।

सुरक्षा में चूक या पूर्व चेतावनी की अनदेखी

घटना केवल एक मानसिक रूप से अस्थिर व्यक्ति की हठधर्मी नहीं थी, बल्कि पुलिस की पूर्व में की गई कार्रवाई में कमी का भी नतीजा मानी जा रही है। 31 जनवरी को गुंजन ने शहर कोतवाली में आकाश के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उसने स्पष्ट रूप से कहा था कि आरोपी उसे जान से मारने की धमकी दे रहा है। अगर इस शिकायत पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई होती, तो यह त्रासदी टाली जा सकती थी।

दोस्त से दुश्मन तक – तीन साल पुरानी कहानी

एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि गुंजन और आरोपी के बीच करीब तीन साल पुरानी दोस्ती थी। कुछ समय पहले किसी विवाद के चलते गुंजन ने आकाश से बातचीत बंद कर दी थी, लेकिन आकाश लगातार उस पर दबाव डालता रहा। इस बीच गुंजन ने पुलिस को यह बताने की कोशिश की कि उसे जान से मारने की धमकी मिल रही है। पुलिस ने आरोपी को फोन किया, जिसे उसने नहीं उठाया। इसके बाद पुलिस ने दो बार उसके घर जाकर पूछताछ की, लेकिन आरोपी फरार मिला।

पुलिस का दावा और लोगों का गुस्सा

एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि पुलिस की ओर से कोई लापरवाही नहीं हुई है। शिकायत मिलने पर आरोपी से संपर्क किया गया और उसके घर पुलिस भेजी गई थी। इस आधार पर विभागीय कार्रवाई की आवश्यकता नहीं मानी गई। हालांकि, घटना के बाद गुंजन के परिजन और परिचित मौके पर पहुंचकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। उनका कहना था कि यदि आरोपी को समय पर ट्रेस किया जाता, तो यह घटना नहीं होती।

पूर्व में समझौते का भी किया था हवाला

पुलिस के अनुसार, गुंजन और आकाश की दोस्ती लगभग तीन साल पुरानी थी। युवती के परिजन को जब इस दोस्ती का पता चला, तो उन्होंने आकाश के घर आपत्ति दर्ज कराई। बाद में दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से यह तय किया कि उनके बीच कोई संबंध नहीं रहेगा। इस संबंध में एक समझौता पत्र भी खुड़बुड़ा चौकी में जमा कराया गया था।

यह घटना न सिर्फ देहरादून के व्यापारिक क्षेत्रों में सुरक्षा के मुद्दे को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि चेतावनी मिलने के बाद भी पर्याप्त कार्रवाई न होने पर कितनी भयावह स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

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