Crypto Scam – बिटकॉइन निवेश धोखाधड़ी में ईडी ने फिर कुर्क की करोड़ों की संपत्ति
Crypto Scam– बिटकॉइन निवेश के नाम पर कथित वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने देहरादून निवासी हेमंत शर्मा की 8.54 करोड़ रुपये मूल्य की चल और अचल संपत्तियां कुर्क की हैं। जांच एजेंसी के अनुसार इससे पहले भी 4.56 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं। मामले का मुख्य आरोपी फिलहाल सुद्धोवाला जेल में न्यायिक हिरासत में है। ईडी का कहना है कि जांच अभी भी जारी है और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल की जा रही है।

फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को बनाया गया निशाना
जांच एजेंसी के अनुसार, वर्ष 2014-15 के दौरान कथित तौर पर एक विदेशी नाम से संचालित वेबसाइट के माध्यम से लोगों को क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया। निवेशकों को अधिक लाभ का भरोसा दिलाकर बड़ी संख्या में निवेश कराया गया। आरोप है कि पर्याप्त राशि और बिटकॉइन जुटाने के बाद वेबसाइट को बंद कर दिया गया, जिसके बाद निवेशकों का संपर्क प्लेटफॉर्म से टूट गया और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
जांच में सामने आए करोड़ों रुपये के लेनदेन
ईडी ने ब्लॉकचेन विश्लेषण के आधार पर दावा किया है कि आरोपी के नियंत्रण में लगभग 856.23 बिटकॉइन पहुंचे, जिनकी मौजूदा अनुमानित कीमत करीब 200 करोड़ रुपये आंकी गई है। एजेंसी के अनुसार इन डिजिटल परिसंपत्तियों को अलग-अलग क्रिप्टो एक्सचेंजों के माध्यम से स्थानांतरित किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने कथित तौर पर लग्जरी वाहन, एक आलीशान मकान और अन्य अचल संपत्तियों में निवेश किया था, जिन्हें अब जांच के दायरे में लिया गया है।
देहरादून में साइबर ठगी के मामलों में भी बढ़ी चिंता
इसी बीच देहरादून में साइबर धोखाधड़ी के मामलों में भी लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। हाल के दिनों में 42 अलग-अलग मामलों में लोगों से करीब 97 लाख रुपये की ठगी की शिकायतें सामने आई हैं। लंबित शिकायतों के आधार पर संबंधित थानों में मुकदमे दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधी अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं।
कुछ मामलों में लाखों रुपये की ठगी
पुलिस के अनुसार, दर्ज मामलों में सबसे बड़ी शिकायत पाम सिटी निवासी एक व्यक्ति की है, जिनसे 16.45 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई। वहीं नेहरू कॉलोनी क्षेत्र के एक अन्य पीड़ित से 11.61 लाख रुपये ठगने का मामला भी सामने आया है। पुलिस इन मामलों में बैंकिंग ट्रांजैक्शन, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है।
ई-Zero FIR प्रणाली से मिल रही त्वरित सहायता
साइबर वित्तीय अपराधों पर तेजी से कार्रवाई के लिए राज्य में ई-Zero FIR प्रणाली लागू की गई है। इस व्यवस्था के तहत 1930 हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज होते ही प्रारंभिक एफआईआर दर्ज की जा सकती है, जिससे जांच में देरी कम होती है। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार शिकायत संबंधित थाने को भेजी जाती है। पुलिस मुख्यालय ने हाल की समीक्षा में लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश भी दिए हैं।