उत्तराखण्ड

Election – उत्तराखंड में एसआईआर प्रक्रिया के बीच जारी हुआ साइबर ठगी का अलर्ट

Election – उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया जल्द शुरू होने जा रही है। भारत निर्वाचन आयोग ने राज्य में मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्यक्रम जारी कर दिया है। इस बीच पुलिस और एसटीएफ ने लोगों को साइबर ठगी से सावधान रहने की चेतावनी भी दी है। अधिकारियों के अनुसार, कुछ ठग एसआईआर के नाम पर लोगों को फोन कर निजी जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।

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निर्वाचन विभाग के मुताबिक, राज्य में एसआईआर की औपचारिक प्रक्रिया 29 मई से शुरू होगी। इसके तहत मतदाता सूची को अपडेट करने और नए मतदाताओं का विवरण जोड़ने का काम किया जाएगा।

मई से शुरू होगी तैयारी

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय जोगदंडे ने जानकारी दी कि 29 मई से 7 जून तक गणना प्रपत्रों की छपाई और कर्मचारियों के प्रशिक्षण से जुड़े कार्य पूरे किए जाएंगे।

इसके बाद बूथ स्तर अधिकारियों यानी बीएलओ को घर-घर जाकर मतदाता जानकारी एकत्र करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। चुनाव आयोग ने इस प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

घर-घर जाकर होगा सर्वे

निर्वाचन विभाग के अनुसार, 8 जून से 7 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करेंगे। इस दौरान गणना प्रपत्र वितरित किए जाएंगे और आवश्यक जानकारी जुटाई जाएगी।

14 जुलाई को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद नागरिकों को दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। यह प्रक्रिया 13 अगस्त तक चलेगी।

सितंबर में जारी होगी अंतिम सूची

अधिकारियों ने बताया कि मतदाता सूची से जुड़े दावों और आपत्तियों का निस्तारण 11 सितंबर तक किया जाएगा। इसके बाद 15 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

राज्य में इस पूरी प्रक्रिया के लिए हजारों बूथ स्तर एजेंट और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। निर्वाचन आयोग का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है।

साइबर ठगों ने शुरू की धोखाधड़ी

एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही साइबर अपराधियों ने लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। पुलिस के अनुसार, ठग खुद को चुनाव आयोग का अधिकारी बताकर लोगों को फोन कर रहे हैं।

कई लोगों को यह कहकर डराया जा रहा है कि उनका नाम मतदाता सूची से हटाया जा सकता है। इसके बदले में आधार नंबर, बैंक डिटेल और ओटीपी जैसी गोपनीय जानकारी मांगी जा रही है।

फर्जी लिंक और क्यूआर कोड से सावधान रहने की सलाह

एसटीएफ के अनुसार, कुछ मामलों में लोगों को फर्जी लिंक, क्यूआर कोड और एपीके फाइल भी भेजी जा रही हैं। इन्हें डाउनलोड करने या भुगतान करने पर बैंक खातों से पैसे निकलने का खतरा बढ़ जाता है।

ठग मतदाता सूची में नाम जोड़ने या सुधार करने के नाम पर ऑनलाइन भुगतान की मांग भी कर रहे हैं। पुलिस ने साफ किया है कि एसआईआर से जुड़ी कोई भी प्रक्रिया फोन या निजी भुगतान के जरिए नहीं होती।

एसटीएफ ने जारी की एडवाइजरी

एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से जुड़े सभी कार्य अधिकृत बीएलओ या सरकारी शिविरों के माध्यम से निशुल्क किए जाते हैं।

उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान कॉल पर निजी जानकारी साझा न करें। यदि किसी व्यक्ति को इस तरह का कॉल या संदेश मिले तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई जाए।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

निर्वाचन विभाग और पुलिस दोनों ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें। किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या संदेश से सावधान रहें।

अधिकारियों का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी बनाए रखने के लिए साइबर सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

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