FakeNumberPlate – देहरादून में अवैध नंबर प्लेट बिक्री पर हुई सख्त कार्रवाई
FakeNumberPlate – देहरादून में फर्जी और नियमों के खिलाफ बनाई जा रही वाहन नंबर प्लेटों पर परिवहन विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। अब विभाग ने ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म्स पर बिक रही गैर-मानक और फैंसी नंबर प्लेटों को लेकर भी कार्रवाई शुरू कर दी है। आरटीओ प्रशासन ने अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियों को नोटिस भेजकर ऐसे उत्पादों की बिक्री तत्काल रोकने के निर्देश दिए हैं।

परिवहन विभाग का कहना है कि बिना मानक वाली नंबर प्लेटें सड़क सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक इनका इस्तेमाल वाहन की पहचान छिपाने और निगरानी व्यवस्था से बचने के लिए किया जा सकता है।
नियमों के उल्लंघन पर जताई चिंता
आरटीओ प्रशासन संदीप सैनी ने बताया कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर बिकने वाली कई नंबर प्लेटें केंद्रीय मोटर वाहन नियमों के अनुरूप नहीं हैं। इनमें लेजर कोड और निर्धारित सुरक्षा मानक नहीं पाए जा रहे हैं। कुछ प्लेटों पर फर्जी स्टिकर और डिजाइन का इस्तेमाल भी किया जा रहा है।
विभाग के अनुसार ऐसी प्लेटें ई-चालान प्रणाली और अन्य निगरानी तकनीकों को प्रभावित कर सकती हैं। इसी वजह से संबंधित कंपनियों को नोटिस जारी कर बिक्री रोकने के लिए कहा गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नियमों का पालन नहीं होने पर आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
शहर में लगातार चल रहा अभियान
देहरादून में परिवहन विभाग की टीमें लगातार जांच अभियान चला रही हैं। बुधवार को रायपुर रोड स्थित लाडपुर क्षेत्र में एक दुकान पर छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में संदिग्ध नंबर प्लेटें बरामद की गईं।
अधिकारियों के अनुसार मौके से 30 से अधिक नियम विरुद्ध नंबर प्लेटें जब्त की गईं। इसके अलावा पांच हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट भी मिलीं, जिन्हें बिना वैध अनुमति के रखा गया था। विभाग ने इन सभी प्लेटों को जब्त कर जांच शुरू कर दी है।
पहले भी हुई थी कार्रवाई
इससे पहले राजपुर रोड क्षेत्र में भी परिवहन विभाग ने एक कार्यालय पर कार्रवाई की थी। वहां से कथित रूप से फर्जी नंबर प्लेटें बरामद हुई थीं, जिसके बाद कार्यालय को सील कर दिया गया था।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अवैध नंबर प्लेटों का कारोबार लंबे समय से चल रहा था और अब इसे रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस और परिवहन विभाग मिलकर इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान में जुटे हैं।
ऑनलाइन बिक्री पर भी निगरानी
परिवहन विभाग का मानना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए आसानी से उपलब्ध हो रही फैंसी नंबर प्लेटें समस्या को बढ़ा रही हैं। कई वाहन मालिक आकर्षक डिजाइन या अलग दिखने के उद्देश्य से ऐसी प्लेटें खरीद लेते हैं, जबकि वे कानूनी मानकों पर खरी नहीं उतरतीं।
अधिकारियों ने कहा कि वाहन नंबर प्लेट केवल निर्धारित मानकों के अनुसार ही लगाई जानी चाहिए। हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट का उपयोग अनिवार्य है और इसके लिए अधिकृत केंद्रों से ही प्लेट जारी की जाती है।
सुरक्षा एजेंसियों को भी भेजी गई जानकारी
परिवहन विभाग ने पुलिस प्रशासन को भी इस मामले की जानकारी दी है। एसएसपी कार्यालय को पत्र भेजकर अवैध नंबर प्लेट बनाने और बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई का अनुरोध किया गया है।
विभाग का कहना है कि सड़क सुरक्षा और अपराध नियंत्रण के लिए वाहन पहचान प्रणाली का सही होना जरूरी है। इसी कारण फर्जी और गैर-मानक नंबर प्लेटों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।