ForestFire – बढ़ती गर्मी के बीच उत्तराखंड के जंगलों में बढ़ा आग का कहर
ForestFire – उत्तराखंड में तापमान बढ़ने के साथ ही जंगलों में आग की घटनाएं तेजी से बढ़ने लगी हैं। राज्य के कई जिलों में वनाग्नि ने गंभीर रूप ले लिया है। चमोली जिले में आग बुझाने के दौरान एक फायर वाचर की मौत हो गई, जिसके बाद वन विभाग और प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया ने गुरुवार को राज्यभर में सैकड़ों फायर अलर्ट जारी किए।

वन विभाग के अनुसार प्रदेश में अब तक 240 हेक्टेयर से ज्यादा वन क्षेत्र आग की चपेट में आ चुका है। बीते कुछ दिनों में तापमान लगातार बढ़ा है और कई इलाकों में पारा 40 डिग्री तक पहुंच गया है। इसी के साथ गढ़वाल और कुमाऊं के जंगलों में आग फैलने की घटनाएं बढ़ी हैं।
एक दिन में मिले सैकड़ों फायर अलर्ट
गुरुवार सुबह तक राज्य में 300 से ज्यादा वनाग्नि अलर्ट दर्ज किए गए। दोपहर तक यह संख्या और बढ़ गई। कई जगहों पर बड़ी आग की घटनाओं की भी सूचना मिली। टिहरी और बागेश्वर जिलों में सबसे ज्यादा घटनाएं सामने आईं।
वन विभाग की टीमें लगातार अलर्ट की पुष्टि करने और आग पर काबू पाने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में भेजी जा रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि सूखे मौसम और तेज गर्म हवाओं के कारण आग तेजी से फैल रही है।
आग बुझाने के दौरान गई फायर वाचर की जान
चमोली जिले के बिरही क्षेत्र में आग बुझाने के दौरान फायर वाचर राजेंद्र सिंह नेगी की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक जंगल में लगी आग पर नियंत्रण पाने के प्रयास में वह गहरी खाई में गिर गए थे। पूरी रात चले सर्च अभियान के बाद एसडीआरएफ ने गुरुवार सुबह उनका शव बरामद किया।
राजेंद्र सिंह नेगी बदरीनाथ वन प्रभाग में फायर वाचर के रूप में तैनात थे। घटना के बाद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों में भारी नाराजगी देखी गई।
वन विभाग ने जारी किया हाई अलर्ट
लगातार बढ़ती घटनाओं को देखते हुए प्रमुख वन संरक्षक ने सभी जिलों के डीएफओ और वन अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई। बैठक में अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और हर स्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए।
वन विभाग ने सभी कर्मचारियों, फायर वाचरों और उपकरणों को चौबीस घंटे अलर्ट मोड में रखने को कहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी वनाग्नि की स्थिति की समीक्षा करने वाले हैं।
लोगों को मोबाइल पर भेजा गया अलर्ट
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भी जंगलों में आग की आशंका को लेकर चेतावनी जारी की है। राज्यभर में लोगों के मोबाइल फोन पर अलर्ट संदेश भेजे गए हैं। इसमें नागरिकों से सतर्क रहने और जंगलों के आसपास सावधानी बरतने की अपील की गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में और बढ़ोतरी होने पर आने वाले दिनों में वनाग्नि की घटनाएं और बढ़ सकती हैं।
मृतक परिवार को सहायता का आश्वासन
फायर वाचर की मौत के बाद स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने मृतक परिवार को पर्याप्त मुआवजा और नौकरी देने की मांग उठाई।
बाद में वन विभाग ने मृतक की पत्नी को आउटसोर्सिंग के जरिए नौकरी देने और विभिन्न योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। अधिकारियों के मुताबिक बीमा और राहत राशि सहित परिवार को करीब 30 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी।