उत्तराखण्ड

FuelSaving – उत्तराखंड सरकार ने ईंधन बचत के लिए जारी की नई एडवाइजरी

FuelSaving – वैश्विक स्तर पर बढ़ते ईंधन संकट और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती खपत के बीच उत्तराखंड सरकार ने लोगों से ईंधन बचाने की अपील की है। राज्य के परिवहन विभाग ने आम नागरिकों और वाहन चालकों के लिए 10 बिंदुओं वाली एक सलाह जारी की है, जिसमें रोजमर्रा की ड्राइविंग आदतों में छोटे बदलाव कर ईंधन की बचत करने पर जोर दिया गया है। सरकार का कहना है कि यह पहल केवल खर्च कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।

uttarakhand fuel saving advisory issued

सरकार ने जनभागीदारी पर दिया जोर

परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत से जुड़ी अपील के बाद राज्य सरकार ने इस दिशा में सक्रिय पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने विभाग को ऐसे उपाय लागू करने के निर्देश दिए हैं, जिनसे आम लोग आसानी से ईंधन की बचत कर सकें। विभाग का मानना है कि इस अभियान की सफलता जनता की भागीदारी पर निर्भर करेगी।

ड्राइविंग आदतों में बदलाव की सलाह

एडवाइजरी में वाहन चालकों को अचानक तेज गति बढ़ाने और बार-बार ब्रेक लगाने से बचने की सलाह दी गई है। विभाग के मुताबिक स्मूथ ड्राइविंग से न सिर्फ ईंधन की खपत कम होती है बल्कि वाहन की स्थिति भी बेहतर रहती है। सड़क की परिस्थिति के अनुसार सही गियर का उपयोग करने को भी जरूरी बताया गया है।

टायर और इंजन की नियमित जांच जरूरी

परिवहन विभाग ने कहा है कि वाहन के टायरों में सही हवा बनाए रखना बेहद जरूरी है। टायर प्रेशर कम होने पर ईंधन की खपत बढ़ जाती है। इसके अलावा नियमित सर्विसिंग, समय पर इंजन ऑयल बदलना और एयर फिल्टर की जांच कराने की भी सलाह दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि अच्छी स्थिति में रखा गया वाहन कम ईंधन खर्च करता है।

एसी और इंजन उपयोग को लेकर सुझाव

यात्रा के दौरान अनावश्यक रूप से एसी चलाने से बचने की सलाह दी गई है। विभाग के अनुसार एसी का अधिक उपयोग वाहन के माइलेज को प्रभावित करता है। साथ ही ट्रैफिक सिग्नल या लंबे समय तक रुकने की स्थिति में इंजन बंद रखने को कहा गया है, जिससे ईंधन की बचत के साथ प्रदूषण भी कम होगा।

कार पूलिंग और सार्वजनिक परिवहन पर जोर

सरकार ने लोगों से कार पूलिंग अपनाने की अपील की है। विभाग का कहना है कि एक ही दिशा में जाने वाले लोग यदि साझा वाहन का इस्तेमाल करें तो ईंधन की बचत के साथ ट्रैफिक और प्रदूषण दोनों कम होंगे। कम दूरी के लिए पैदल चलने या साइकिल के इस्तेमाल को भी प्रोत्साहित किया गया है। निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।

हाईवे यात्रा और रूट प्लानिंग के सुझाव

हाईवे पर सफर करने वालों को क्रूज कंट्रोल का संतुलित उपयोग करने की सलाह दी गई है। विभाग के अनुसार इससे माइलेज बेहतर हो सकता है। हालांकि पहाड़ी क्षेत्रों में इसका उपयोग सावधानी से करने को कहा गया है। यात्रा से पहले रूट प्लानिंग और ट्रैफिक अपडेट देखने की भी सलाह दी गई है ताकि जाम वाले रास्तों से बचा जा सके।

सरकार की आगे की रणनीति

परिवहन विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में ईंधन बचत को लेकर और भी कदम उठाए जा सकते हैं। इनमें इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना, डिजिटल बैठकों को प्राथमिकता देना और सरकारी स्तर पर वाहन उपयोग को सीमित करना शामिल है। सरकार इस अभियान को पर्यावरण और आर्थिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण मान रही है।

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