उत्तराखण्ड

HindutvaConference – कार्यकर्ता सम्मेलन में संगठन विस्तार और सामाजिक मुद्दों पर दिया जोर

HindutvaConference – हर्बटपुर में आयोजित एक कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने संगठन, समाज और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखे। राष्ट्रीय बजरंग दल द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने हिंदू समाज के बीच एकता, सामाजिक सहयोग और संगठनात्मक मजबूती की आवश्यकता पर बल दिया।

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अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि समाज को मजबूत बनाने के लिए आपसी भेदभाव और जातिगत विभाजन से ऊपर उठकर सामूहिक सोच विकसित करनी होगी। उनका कहना था कि सामाजिक समरसता और एकजुटता के माध्यम से ही विभिन्न चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकता है।

सामाजिक एकता पर दिया विशेष जोर

डॉ. तोगड़िया ने कहा कि देश और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले हिंदू समुदाय के लोगों के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग की जरूरत है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की मजबूती उसकी एकजुटता और परस्पर सहयोग की भावना पर निर्भर करती है।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से सामाजिक स्तर पर अधिक सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया और कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों को साथ लेकर चलना समय की आवश्यकता है। उनके अनुसार संगठन का उद्देश्य सामाजिक जागरूकता और सामुदायिक सहयोग को बढ़ावा देना है।

गरीब परिवारों के लिए अनाज बैंक की योजना

सम्मेलन के दौरान डॉ. तोगड़िया ने जरूरतमंद परिवारों की सहायता के लिए अनाज बैंक बनाने की योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि सक्षम परिवारों के सहयोग से अनाज संग्रहित कर आर्थिक रूप से कमजोर लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य समाज में सहयोग और सेवा की भावना को बढ़ावा देना है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाने के लिए निःशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित करने की भी योजना बताई गई। इन शिविरों में सामान्य स्वास्थ्य जांच और परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही गई।

धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी

कार्यक्रम में संगठन की आगामी गतिविधियों पर भी चर्चा की गई। डॉ. तोगड़िया ने बताया कि विभिन्न क्षेत्रों में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर सामूहिक धार्मिक आयोजनों के माध्यम से लोगों को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने विजयादशमी के अवसर पर पारंपरिक कार्यक्रमों की तैयारियों का भी उल्लेख किया और कार्यकर्ताओं से इसमें सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया। संगठन के अनुसार इन कार्यक्रमों का उद्देश्य सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

आर्थिक सशक्तिकरण को बताया महत्वपूर्ण

अपने संबोधन में उन्होंने आर्थिक आत्मनिर्भरता को भी महत्वपूर्ण विषय बताया। उनका कहना था कि किसी भी समाज की प्रगति के लिए आर्थिक रूप से मजबूत होना आवश्यक है। उन्होंने स्थानीय व्यापार और छोटे व्यवसायों को समर्थन देने की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि यदि छोटे कारोबारी और स्थानीय उद्यमी मजबूत होंगे तो इसका सकारात्मक प्रभाव समाज और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था दोनों पर पड़ेगा। इसी सोच के साथ आर्थिक सहयोग और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की बात कही गई।

धार्मिक स्थलों को लेकर रखे विचार

डॉ. तोगड़िया ने अपने संबोधन के दौरान अयोध्या, मथुरा और काशी से जुड़े विषयों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन स्थानों का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व लंबे समय से बना हुआ है। उनके अनुसार इन विषयों पर समाज के भीतर जागरूकता और संवाद जारी रहना चाहिए।

सम्मेलन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान संगठनात्मक गतिविधियों, सामाजिक योजनाओं और भविष्य की रणनीतियों पर भी चर्चा की गई।

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