KanwarMela – उत्तराखंड में कांवड़ मेले की तैयारियां पूरी, साइबर निगरानी होगी और सख्त
KanwarMela- उत्तराखंड में 30 जुलाई से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन और पुलिस ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस बार पहली बार मेले की सुरक्षा व्यवस्था में साइबर कमांडो की तैनाती की जा रही है। इनकी जिम्मेदारी सोशल मीडिया पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने, भ्रामक सूचनाओं की पहचान करने और फर्जी या AI आधारित वीडियो के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की होगी। अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य अफवाहों पर रोक लगाना और मेले का शांतिपूर्ण संचालन सुनिश्चित करना है।

सोशल मीडिया पर रहेगी चौबीसों घंटे नजर
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सेक्टरवार अधिकारियों की तैनाती की गई है। प्रशासन के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली भ्रामक सामग्री पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। सामान्य भ्रामक वीडियो के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, जबकि AI आधारित फर्जी वीडियो की पहचान होने पर उसे हटाने की प्रक्रिया प्राथमिकता के आधार पर शुरू की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि कांवड़ मेले के बाद यही साइबर निगरानी व्यवस्था आगामी कुंभ मेले में भी लागू की जाएगी।
यातायात व्यवस्था में किए गए विशेष बदलाव
प्रशासन ने बताया कि इस बार दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को कांवड़ यात्रा मार्ग से अलग रखा गया है। श्रद्धालुओं के लिए मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे सहित निर्धारित मार्गों का उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इससे यातायात का दबाव कम होगा और आम लोगों तथा श्रद्धालुओं दोनों की आवाजाही सुचारु बनी रहेगी। जहां भी व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की कमी सामने आएगी, उसे तत्काल दूर किया जाएगा।
स्टील के बड़े कलशों से बदला यात्रा का स्वरूप
इस वर्ष कांवड़ यात्रा में स्टील के बड़े कलशों का चलन तेजी से बढ़ा है। कई श्रद्धालु 100 से 200 लीटर तक गंगाजल ले जाने वाली कांवड़ लेकर यात्रा कर रहे हैं। भारी वजन के कारण उनकी यात्रा की रफ्तार पहले की तुलना में धीमी हो गई है और रास्ते में अधिक विश्राम करना पड़ रहा है। यही वजह है कि अब यात्रा पूरी करने में पहले के मुकाबले कई दिन अधिक लग रहे हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु सावन शुरू होने से पहले ही हरिद्वार पहुंचकर गंगाजल भरने लगे हैं, जिससे घाटों और प्रमुख मार्गों पर शुरुआती दिनों में भी अच्छी भीड़ देखने को मिल रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए विशेष इंतजाम
लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मेले के दौरान 27 सरकारी स्वास्थ्य शिविर संचालित किए जाएंगे, जहां 72 चिकित्सक, 68 फार्मासिस्ट और 120 अन्य स्वास्थ्यकर्मी तैनात रहेंगे। विभाग ने ड्यूटी आवंटन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा, स्वास्थ्य और यातायात प्रबंधन के समन्वय से इस बार कांवड़ मेले को व्यवस्थित और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने का प्रयास किया जाएगा।