RainAlert – उत्तराखंड में लगातार बारिश से 97 सड़कें प्रभावित, छह जिलों के लिए जारी हुई चेतावनी
RainAlert- उत्तराखंड में लगातार सक्रिय मॉनसून का असर अब जनजीवन पर साफ दिखाई देने लगा है। राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश के कारण नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर बढ़ गया है, जबकि सोमवार को प्रदेशभर में 97 सड़कें बाधित हो गईं। इससे स्थानीय लोगों और यात्रियों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोक निर्माण विभाग ने देर शाम तक 20 मार्गों को यातायात के लिए बहाल करने की जानकारी दी है। वहीं, मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए छह जिलों में भारी वर्षा की संभावना जताते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है।

कई जिलों में सड़क संपर्क प्रभावित
बारिश के चलते सबसे अधिक असर चमोली जिले में देखने को मिला, जहां 29 सड़कें बंद रहीं। बागेश्वर में 20 मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ, जबकि पिथौरागढ़ में भी कई सड़कें मलबा और पानी आने से बंद हो गईं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, मशीनों की मदद से लगातार रास्ते साफ करने का काम जारी है, ताकि लोगों की आवाजाही जल्द सामान्य हो सके।
नदियों का जलस्तर बढ़ा, पर्वतीय क्षेत्रों में सतर्कता
लगातार हो रही वर्षा के कारण बागेश्वर में सरयू नदी उफान पर बह रही है। कपकोट क्षेत्र में सबसे अधिक 64 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। धारचूला और आसपास के इलाकों में भी नदियों और गधेरों का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे जाने से बचने की अपील की है। एहतियात के तौर पर पिंडारी, सुंदरढूंगा और कफनी ग्लेशियर की ट्रैकिंग 15 सितंबर तक बंद कर दी गई है। बागेश्वर जिले में मंगलवार को विद्यालय भी बंद रखने का निर्णय लिया गया।
मौसम विभाग ने जारी किया नया पूर्वानुमान
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, उत्तराखंड में 11 जुलाई तक अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। बीते एक सप्ताह में प्रदेश में सामान्य से 18 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है, हालांकि सभी जिलों में बारिश समान नहीं रही। पौड़ी गढ़वाल में अब तक सामान्य से लगभग 60 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। विभाग ने छह जिलों में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन की सलाह का पालन करने को कहा है।
देहरादून में जलभराव और यातायात पर असर
राजधानी देहरादून में सोमवार सुबह करीब एक घंटे की तेज बारिश के बाद कई इलाकों में पानी भर गया। घंटाघर, दर्शनलाल चौक, परेड ग्राउंड और रायपुर रोड सहित कई स्थानों पर जलभराव से यातायात धीमा पड़ गया। रिस्पना और बिंदाल नदियों का जलस्तर भी कुछ समय के लिए बढ़ गया, जो बारिश थमने के बाद धीरे-धीरे सामान्य हुआ। मंगलवार सुबह भी कई हिस्सों में हल्की बारिश हुई, लेकिन दोपहर में धूप निकलने से उमस बढ़ गई। अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
रुद्रप्रयाग में मलबा आने से मार्ग बाधित
रुद्रप्रयाग जिले में सोनप्रयाग-त्रियुगीनारायण मोटर मार्ग पर भारी बारिश के बाद मलबा और बड़े पत्थर आने से यातायात कुछ घंटों के लिए ठप हो गया। मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना मिलने पर लोक निर्माण विभाग की टीम ने जेसीबी मशीनों की मदद से रास्ता साफ कराया और सुबह लगभग दस बजे आवाजाही दोबारा शुरू कराई। इस दौरान कई यात्रियों को पैदल रास्ता तय करना पड़ा। त्रियुगीनारायण मंदिर में विवाह के लिए पहुंचे दूल्हा-दुल्हन भी कुछ दूरी पैदल चलकर मंदिर पहुंचे।