RoadProject – उत्तरकाशी में गंगा-यमुना घाटी जोड़ने वाली सड़क को मंजूरी
RoadProject – उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में गंगा और यमुना घाटियों के बीच संपर्क को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने एक अहम सड़क परियोजना को मंजूरी दे दी है। बणगांव-चौपड़ा-कसलाना मार्ग के निर्माण से दोनों घाटियों के बीच आवागमन में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद लोगों को लंबा चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और यात्रा काफी आसान हो जाएगी।

दूरी में भारी कमी से बढ़ेगी आवाजाही
वर्तमान में यमुनाघाटी के पुरोला और नौगांव क्षेत्र से गंगा घाटी के गांवों तक पहुंचने के लिए लोगों को करीब 70 किलोमीटर का लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। यह मार्ग राड़ीटॉप और ब्रह्मखाल से होकर गुजरता है, जिससे समय और संसाधनों दोनों की खपत अधिक होती है।
नई सड़क बनने के बाद यह दूरी घटकर लगभग 5 किलोमीटर रह जाएगी। इससे न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में भी तेजी से आवाजाही संभव हो सकेगी। यह बदलाव खासकर उन ग्रामीण इलाकों के लिए महत्वपूर्ण है, जहां अभी तक बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच सीमित रही है।
लंबे समय से उठ रही थी मांग
इस सड़क की मांग स्थानीय लोग पिछले करीब 25 वर्षों से कर रहे थे। क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और कठिन रास्तों के कारण यह परियोजना लंबे समय तक लंबित रही। वर्ष 2022 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने दौरे के दौरान इस सड़क के निर्माण की घोषणा की थी।
अब वित्तीय स्वीकृति मिलने के साथ ही परियोजना को जमीन पर उतारने का रास्ता साफ हो गया है। इससे स्थानीय लोगों में उम्मीद जगी है कि जल्द ही उन्हें बेहतर सड़क सुविधा मिल सकेगी।
परियोजना की लागत और निर्माण योजना
लोक निर्माण विभाग की ओर से इस परियोजना के लिए करीब 2.14 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, निर्माण कार्य को तय समयसीमा के भीतर पूरा करने की योजना बनाई जा रही है। सड़क के निर्माण में क्षेत्र की भौगोलिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए तकनीकी मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
सरकार का लक्ष्य है कि यह मार्ग न केवल यातायात के लिए उपयोगी बने, बल्कि लंबे समय तक टिकाऊ भी साबित हो।
स्थानीय आबादी को मिलेगा सीधा लाभ
इस सड़क परियोजना से यमुनोत्री और पुरोला विधानसभा क्षेत्रों की 50 हजार से अधिक आबादी को सीधा फायदा होगा। कई गांवों के बीच सामाजिक और पारिवारिक संबंध पहले से हैं, लेकिन सड़क सुविधा के अभाव में लोगों को लंबा रास्ता तय करना पड़ता था।
स्थानीय प्रतिनिधियों का कहना है कि इस मार्ग के बनने से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी। व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी, जिससे लोगों के जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद है।
विकास की दिशा में अहम कदम
यह परियोजना केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों के समग्र विकास से भी जुड़ी है। बेहतर संपर्क से पर्यटन, स्थानीय व्यवसाय और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि इस सड़क के बनने से उनके दैनिक जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा। लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने से क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं भी खुलेंगी।