RoadSafety – नैनीताल में बिना हेलमेट दोपहिया चालकों को अब नहीं मिलेगा पेट्रोल
RoadSafety – उत्तराखंड के नैनीताल जिले में सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक जुलाई से नया नियम लागू कर दिया है। अब जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट के आने वाले दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि यह कदम लोगों को दंडित करने के बजाय सुरक्षित यात्रा के प्रति जागरूक बनाने और सड़क हादसों में कमी लाने के लिए उठाया गया है।

प्रशासन के निर्देश पर लागू हुई नई व्यवस्था
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश के बाद संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा) अरविंद पांडे ने जिला पूर्ति अधिकारी को आवश्यक निर्देश जारी किए। इसके बाद नैनीताल जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर “नो हेलमेट-नो पेट्रोल” व्यवस्था प्रभावी कर दी गई। प्रशासन ने संबंधित विभागों को इस नियम का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए हैं।
पेट्रोल पंपों पर लगाए गए जागरूकता बोर्ड
नई व्यवस्था की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के लिए जिले के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर स्पष्ट सूचना बोर्ड लगाए गए हैं। इन बोर्डों के माध्यम से दोपहिया वाहन चालकों को पहले ही बताया जा रहा है कि बिना हेलमेट पेट्रोल उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इस तरह की पहल से लोग स्वेच्छा से यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित होंगे।
प्रमुख मार्गों पर भी दी जा रही नियमों की जानकारी
परिवहन विभाग और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से इस अभियान की निगरानी कर रहे हैं। इसके साथ ही नैनीताल जिले के प्रमुख प्रवेश मार्गों पर भी सूचना बोर्ड लगाए गए हैं, जिनमें टैक्सी संचालन और बाइक रेंटल से जुड़े स्थानीय नियमों की जानकारी दी गई है। इसका उद्देश्य बाहरी राज्यों और अन्य जिलों से आने वाले पर्यटकों तथा वाहन चालकों को पहले से आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना है, ताकि यात्रा के दौरान किसी तरह की असुविधा न हो।
बढ़ते सड़क हादसों ने बढ़ाई चिंता
परिवहन विभाग के अनुसार हाल के समय में जिले में दोपहिया वाहनों से जुड़े सड़क हादसों में मृत्यु और गंभीर चोट के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है। विभागीय जांच में यह भी सामने आया कि कई मामलों में वाहन चालक या पीछे बैठा व्यक्ति हेलमेट नहीं पहने हुए था, जिससे दुर्घटना के दौरान नुकसान अधिक हुआ। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने इस सुरक्षा उपाय को लागू करने का फैसला लिया।
जागरूकता बढ़ाने पर प्रशासन का जोर
संभागीय परिवहन अधिकारी अरविंद पांडे ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों में हेलमेट पहनने की आदत को बढ़ावा देना है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह पहल किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई के लिए नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने, दुर्घटनाओं में होने वाली जान-माल की हानि कम करने और जिले में सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए शुरू की गई है।