RoadSafety – उत्तराखंड में पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए नई नीति तैयार
RoadSafety – उत्तराखंड में सड़क सुरक्षा को लेकर एक अहम पहल की जा रही है, जिसमें पैदल चलने वालों और गैरयांत्रिक वाहनों के लिए विशेष नियम तय किए जा रहे हैं। राज्य सरकार के समक्ष एक विस्तृत प्रस्ताव रखा गया है, जिसमें राहगीरों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के साथ-साथ ट्रैफिक नियमों को और सख्त बनाने की बात कही गई है। इस नीति का उद्देश्य सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं को कम करना और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद पहल तेज
इस प्रस्ताव की पृष्ठभूमि में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश भी महत्वपूर्ण हैं। पिछले वर्ष एक मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्यों को पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश तैयार करने को कहा था। इसी क्रम में उत्तराखंड परिवहन विभाग ने इस दिशा में काम शुरू करते हुए एक विस्तृत मसौदा तैयार किया है।
सरकार को भेजा गया विस्तृत प्रस्ताव
परिवहन मुख्यालय की ओर से तैयार किए गए इस प्रस्ताव में कई महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, इसे राज्य सरकार को भेज दिया गया है और फिलहाल इसका अध्ययन किया जा रहा है। समीक्षा पूरी होने के बाद इसे मंजूरी के लिए कैबिनेट के सामने रखा जाएगा।
पैदल यात्रियों को मिलेगी प्राथमिकता
प्रस्ताव में यह स्पष्ट किया गया है कि चिन्हित स्थानों पर सड़क पार करते समय पैदल यात्रियों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा गैरयांत्रिक वाहन जैसे हाथगाड़ी या बैलगाड़ी चलाने वालों को भी इस नियम का पालन करना होगा। मोटर वाहन चालकों को क्रॉसिंग के पास निर्धारित रेखा से पहले रुकना अनिवार्य किया जा सकता है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना कम हो सके।
फुटपाथ और अंडरपास की व्यवस्था
योजना के तहत प्रमुख सड़कों पर फुटपाथ बनाने पर जोर दिया गया है, ताकि राहगीरों के लिए सुरक्षित रास्ता उपलब्ध हो सके। इसके साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेसवे पर आबादी के अनुसार नियमित अंतराल पर फुटओवर ब्रिज और अंडरपास बनाने का प्रस्ताव है। इससे लोगों को सड़क पार करने में सुविधा मिलेगी और जोखिम भी कम होगा।
जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर
प्रस्ताव में केवल नियम बनाने तक ही सीमित नहीं रहा गया है, बल्कि लोगों को जागरूक करने की भी योजना है। सड़कों पर ट्रैफिक नियमों से जुड़े संकेतक और सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे, जिससे लोगों को सही दिशा-निर्देश मिल सकें।
कुछ मार्गों पर प्रतिबंध की तैयारी
तेज रफ्तार वाले मार्गों जैसे नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर पैदल चलने और गैरयांत्रिक वाहनों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने का सुझाव भी दिया गया है। इन सड़कों पर दुर्घटनाओं का खतरा अधिक होता है, इसलिए सुरक्षा के लिहाज से यह कदम जरूरी माना जा रहा है।
वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार
जहां फुटपाथ बनाना संभव नहीं होगा, वहां पैदल यात्रियों को सड़क के किनारे विपरीत दिशा में चलने की सलाह दी जाएगी। इससे वे आने वाले वाहनों को देख सकेंगे और समय रहते खुद को सुरक्षित रख पाएंगे।
सुरक्षित यातायात की दिशा में पहल
इस प्रस्ताव को राज्य में सुरक्षित और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन सुझावों को प्रभावी ढंग से लागू किया गया, तो सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है और आम लोगों को सुरक्षित माहौल मिल सकता है।