Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में भारी बर्फबारी और कड़ाके की ठंड से जनजीवन प्रभावित, केदारनाथ में जमा देने वाला तापमान
Uttarakhand Weather: देवभूमि उत्तराखंड के पर्वतीय और मैदानी इलाकों में कुदरत का दोहरा असर देखने को मिल रहा है। जहां एक ओर पहाड़ों में भारी हिमपात और बर्फीले तूफान ने ठंड को चरम पर पहुंचा दिया है, वहीं मैदानी क्षेत्रों में ओलावृष्टि और तेज आंधी ने सामान्य दिनचर्या को अस्त-व्यस्त कर दिया है। पर्यटन नगरी मसूरी और धनोल्टी जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम की दूसरी बर्फबारी के बाद पर्यटकों का उत्साह देखते ही बन रहा है। हालांकि, अत्यधिक गिरावट के कारण मसूरी के प्रसिद्ध कंपनी गार्डन स्थित झील का पानी पूरी तरह जम गया है, जिससे वहां नौकायन गतिविधियों में बाधा उत्पन्न हुई है।

केदारनाथ और चमोली में भारी हिमपात से जनजीवन बाधित
रुद्रप्रयाग जिले के केदारनाथ धाम में इन दिनों रिकॉर्ड तोड़ बर्फबारी हो रही है, जिससे मंदिर मार्ग पर करीब चार फीट तक बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। यहां का न्यूनतम तापमान गिरकर माइनस 16 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिसके बावजूद आईटीबीपी के जवान कड़ाके की ठंड में रास्ते को सुचारू बनाने और मंदिर की सुरक्षा में डटे हुए हैं। दूसरी ओर, चमोली जिले के गोपेश्वर और नीती-मलारी घाटी में आए बर्फीले तूफान ने भारी तबाही मचाई है, जिससे कई घरों की छतें उड़ गई हैं। बर्फबारी के चलते चमोली और रुद्रप्रयाग के करीब 60 से अधिक गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से पूरी तरह कट गया है।
मसूरी और धनोल्टी में पर्यटकों की बढ़ी आमद
मौसम के बदलते मिजाज ने उत्तराखंड के पर्यटन कारोबार में नई जान फूंक दी है। मसूरी, धनोल्टी और नाग टिब्बा में लगातार हो रही बर्फबारी की खबर मिलते ही पर्यटकों ने पहाड़ों का रुख करना शुरू कर दिया है। होटल कारोबारियों के अनुसार, बर्फबारी के बाद होटलों की बुकिंग में 30 प्रतिशत तक का उछाल देखा गया है। धनोल्टी और सुरकंडा क्षेत्र में तापमान शून्य से नीचे चला गया है, जबकि नाग टिब्बा में लगभग तीन फीट तक बर्फ जमा हो चुकी है। ठिठुरन बढ़ने के बावजूद सैलानी इस मनोरम दृश्य का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।
देहरादून और मैदानी जिलों में कोहरे और बारिश का संकट
राजधानी देहरादून में कल हुई भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई, जिससे कई कॉलोनियों में 15 घंटे से अधिक समय तक अंधेरा छाया रहा। मौसम विज्ञान केंद्र ने मैदानी जिलों विशेषकर हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर के लिए घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक विजिबिलिटी कम रहने के कारण यातायात प्रभावित हो सकता है। मैदानी इलाकों में कड़ाके की ठंड और शीत लहर का प्रकोप जारी रहने की संभावना है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
आगामी दिनों के लिए मौसम विभाग का अनुमान
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर के अनुसार, ऊंचाई वाले इलाकों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के बाद अब 1 फरवरी तक मौसम शुष्क रहने की उम्मीद है। हालांकि, बर्फ से ढके रास्तों पर फिसलन और पहाड़ी ढलानों पर हिमस्खलन के खतरे को देखते हुए कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने केदारनाथ और बद्रीनाथ जाने वाले रास्तों पर तैनात सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए स्थानीय निवासियों और यात्रियों को केवल आवश्यक होने पर ही ऊंचाई वाले क्षेत्रों की यात्रा करने की सलाह दी गई है।



