UttarakhandRain – भारी बारिश के बीच सात जिलों में स्कूल बंद, प्रभावित हुईं 103 सड़कें
UttarakhandRain– उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन पर व्यापक असर डाला है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में भूस्खलन, पहाड़ियों से मलबा और बड़े पत्थर गिरने के कारण रविवार को 103 सड़कें बाधित रहीं। मौसम विभाग ने सोमवार के लिए भी कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। एहतियात के तौर पर सात जिलों में कक्षा 12 तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है।

कई जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार देहरादून, टिहरी और हरिद्वार में कुछ स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं नैनीताल, चंपावत, ऊधमसिंह नगर, उत्तरकाशी और पौड़ी में भी भारी से बहुत भारी वर्षा का पूर्वानुमान है। विभाग ने अगले 24 घंटे को संवेदनशील बताते हुए लोगों को नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
देहरादून समेत सात जिलों में स्कूलों की छुट्टी
देहरादून में मौसम विभाग की चेतावनी के बाद जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सोमवार को सभी सरकारी, निजी और सहायता प्राप्त विद्यालयों के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया है। यह आदेश कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों पर लागू होगा। इसी प्रकार हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, नैनीताल और चंपावत में भी स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन ने लोगों से केवल आधिकारिक आदेशों पर भरोसा करने की अपील की है, क्योंकि इससे पहले स्कूल बंद होने को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक संदेश भी प्रसारित हुए थे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए सतर्कता के निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लगातार हो रही बारिश को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मुख्य सचिव और आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों से स्थिति की लगातार निगरानी करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जहां भी सड़क बंद होने, भूस्खलन या अन्य आपात स्थिति उत्पन्न हो, वहां राहत एवं बचाव दल तत्काल सक्रिय हों। साथ ही सड़क, बिजली, पेयजल और संचार जैसी आवश्यक सेवाओं की शीघ्र बहाली सुनिश्चित की जाए। चारधाम यात्रा मार्गों पर भी विशेष निगरानी रखने को कहा गया है।
कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित
बारिश के कारण यमुनोत्री हाईवे पर स्यानाचट्टी क्षेत्र में भारी मलबा आने से यातायात लगभग 12 घंटे तक बाधित रहा। प्रशासन की ओर से मलबा हटाने के बाद रविवार शाम मार्ग दोबारा खोल दिया गया। इससे पहले पालीगाड़ के पास बंद हुआ मार्ग भी कई घंटे की मशक्कत के बाद चालू किया गया। दूसरी ओर, तवाघाट-गुंजी मार्ग पर गर्बाधार-शांतिवन के पास भूस्खलन के चलते कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग अब भी बंद है, जिससे आवाजाही प्रभावित बनी हुई है।
मसूरी मार्ग पर भी भूस्खलन, सावधानी की अपील
देहरादून-मसूरी मार्ग पर ग्लोगी पावर हाउस और मैगी प्वाइंट के पास पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरने के कारण कुछ समय के लिए यातायात रोकना पड़ा। लोक निर्माण विभाग की टीम ने मशीनों की मदद से सड़क से मलबा हटाकर मार्ग को फिर से चालू कराया। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें।